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गुजरात ATS ने जैश-ए-मोहम्मद के कथित मॉड्यूल का किया भंडाफोड़
गुजरात व मध्य प्रदेश से 8 संदिग्ध गिरफ्तार, मदरसों के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने का आरोप
अहमदाबाद।
गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कथित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। एजेंसी ने गुजरात और मध्य प्रदेश में संयुक्त कार्रवाई के दौरान आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एटीएस का आरोप है कि गिरफ्तार किए गए लोग संगठन के स्लीपर सेल के रूप में कार्य कर रहे थे और राज्य में आतंकी नेटवर्क का विस्तार करने के प्रयास में जुटे थे।
एटीएस के अनुसार, पूरे मामले का खुलासा एक गोपनीय सूचना के आधार पर शुरू हुई जांच के दौरान हुआ। बताया गया कि डिप्टी एसपी हर्ष उपाध्याय को जैश-ए-मोहम्मद के नाम पर संदिग्ध गतिविधियां संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद तकनीकी और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई, जिसके आधार पर गुजरात के बनासकांठा, नवसारी और पाटन जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के देवास में संयुक्त छापेमारी की गई।
जांच एजेंसी का दावा है कि संदिग्धों ने 'दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद' नाम से एक स्थानीय मॉड्यूल तैयार किया था। आरोप है कि इसी नेटवर्क के माध्यम से नए लोगों से संपर्क स्थापित किया जाता था और संगठन की विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। एटीएस के अनुसार, इस मॉड्यूल को लगभग तीन लाख रुपये की फंडिंग भी प्राप्त हुई थी।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने एक पुरानी कार खरीदकर उसका स्वामित्व अपने नाम स्थानांतरित नहीं कराया था, ताकि उनकी गतिविधियों पर किसी प्रकार का संदेह न हो। एजेंसी का कहना है कि इस वाहन का उपयोग कथित तौर पर विभिन्न गतिविधियों के संचालन में किया जाता था।
Read More प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने 20वें सांख्यिकी दिवस समारोह को किया संबोधितएटीएस का आरोप है कि कुछ स्थानीय मदरसों में 'दावत' नाम से अभियान चलाकर नए लोगों तक पहुंचने और उन्हें संगठन की विचारधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच के बाद ही होगा।
कार्रवाई के दौरान तीन संदिग्धों को सिद्धपुर स्थित जामिया अबुल हसन मदरसा तथा एक अन्य संदिग्ध को जामिया रहमानिया मदरसा से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों में अहमद अब्दुल्लाह गाजीवाला, इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा, मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला, जकारिया दुर्रा, मोहम्मद आमिर घाघा और मुफ्ती फौजान इस्माइल दौवा सहित कुल आठ लोग शामिल हैं।
एटीएस के अनुसार, तलाशी के दौरान 254 पृष्ठों का कथित प्रचार सामग्री, पाकिस्तान में प्रकाशित कुछ पुस्तकें तथा आतंकी संगठन के सरगना मसूद अजहर को संबोधित बताए जा रहे कुछ पत्र भी बरामद किए गए हैं। बरामद सामग्री की फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच कराई जा रही है।
जांच एजेंसी ने कहा है कि पूरे नेटवर्क के अन्य संभावित संपर्कों और वित्तीय स्रोतों की भी गहन जांच की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


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