उच्च अधिकारियों के आदेशों की धज्जियां उड़ाता पारा थाना! मारपीट

लूट और धमकी के आरोप के बावजूद FIR नहीं

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में 60 वर्षीय महिला ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का लगाया आरोप, ACP के हस्तक्षेप के बाद FIR दर्ज कराने के दिए गए निर्देश। भारतीय जन समाज पार्टी के कार्यालय पहुंचकर न्याय के लिए लगाई गुहार राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजमोहन सिंह के तत्परता दिखाते हुए एसीपी के आदेश पर हुआ मेडिकल पारा थाना क्षेत्र की रहने वाली 60 वर्षीय मजीदा पत्नी स्व0 कादिर ने पुलिस आयुक्त को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि 3 जुलाई 2026 की रात करीब 9:30 बजे बब्बू अली पुत्र कादिर एवं समसुन पत्नी बब्बू अली जबरन उनके घर में घुस आए।
 
आरोप है कि दोनों ने घर में गाली-गलौज करते हुए बहू रोशनी के साथ मारपीट की तथा लोहे की रॉड से हमला कर उसे घायल कर दिया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि बीच-बचाव करने पर उनके साथ भी मारपीट की गई, जिससे उनके कान और हाथ में गंभीर चोटें आईं। साथ ही कान में पहना सोने का टॉप्स, जिसकी कीमत लगभग ₹8,000 बताई गई है, छीन लेने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता का कहना है कि घटना की सूचना तत्काल 112 और 108 पर दी गई तथा 4 जुलाई को पारा थाने में लिखित तहरीर भी दी गई, लेकिन न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही तहरीर की प्राप्ति रसीद दी गई। उनका आरोप है कि पुलिस ने घंटों थाने में बैठाए रखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।
 
बाद में पीड़िता ने भारतीय जन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजमोहन सिंह से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजमोहन सिंह ने एसीपी काकोरी से संपर्क कर मामले में तत्काल कार्रवाई, मेडिकल परीक्षण तथा एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिलाए। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि थाना प्रभारी से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बाद पारा थाना मामले में निष्पक्ष कार्रवाई कर पीड़िता को न्याय दिलाता है या नहीं।

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