मांगों को लेकर ऑटो-लोडर चालकों का परिवहन आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन

सरकार व परिवहन विभाग का किया पिंडदान

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में 6 जुलाई उत्तर प्रदेश ऑटो-लोड संयुक्त कल्याण समिति (पंजीकृत) के बैनर तले सोमवार को हल्के भार वाहन (छोटे हाथी/पिकअप) चालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लखनऊ स्थित परिवहन आयुक्त कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार एवं परिवहन विभाग के खिलाफ प्रतीकात्मक रूप से पिंडदान कर विरोध जताया और बाद में परिवहन आयुक्त को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। समिति के प्रदेश अध्यक्ष राजीव जायसवाल ने कहा कि डीसीएम एवं अन्य बड़े वाहनों की तरह छोटे हाथी (पिकअप) वाहनों को भी ओवरलोड सीमा में व्यावहारिक छूट दी जानी चाहिए।

मामूली ओवरलोड पर भारी-भरकम चालान किए जाने से गरीब वाहन चालकों का आर्थिक शोषण हो रहा है और उनके सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार रतन ने कहा कि प्रदेश के सभी परिवहन कार्यालयों में एंट्री शुल्क एवं अन्य शुल्कों में एकरूपता लागू की जाए, ताकि छोटे वाहन चालकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। प्रदेश सचिव अंकुर गुप्ता ने मांग की कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सरचार्ज माफी एवं टैक्स छूट का लाभ सभी पात्र वाहन स्वामियों को जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाए तथा परिवहन विभाग के पोर्टल पर इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अनुज यादव ने कहा कि टोल प्लाजा शुल्क, ओवरलोड जुर्माना एवं अन्य नियमों में छोटे व्यावसायिक वाहन चालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक संशोधन किए जाएं, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके। समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशभर के हल्के भार वाहन चालक लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राजू (राजीव) जायसवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार रतन, प्रदेश सचिव अंकुर गुप्ता, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अनुज यादव, शमशाद अली गुड्डू सहित बड़ी संख्या में वाहन चालक एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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