फाइलेरिया से बचाव हेतु 10 अगस्त से 25 अगस्त तक चलेगा विशेष अभियान, डीएस डॉ प्रकाश ज्ञानी ने प्रेस वार्ता कर दी जानकारी

सभी अभिभावक अपने बच्चों को दवा अवश्य खिलाएं, इसका नही है कोई साइड इफेक्ट : डॉ प्रकाश ज्ञानी 

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बरही बरही अनुमंडलीय अस्पताल में फाइलेरिया से बचाव के लिए प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डीएस डॉ प्रकाश ज्ञानी ने पत्रकारों को बताया कि फाइलेरिया से बचाव के लिए साल में एक बार दवा खिलाई जाती है जिसके तहत 10 अगस्त से 25 अगस्त तक बरही एवं पदमा प्रखंड में अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को कुल 146 बूथों पर दवा खिलाया जायेगा। 12 एवं 13 अगस्त को स्कूलों में तथा 25 अगस्त तक डोर टू डोर अभियान चलाकर दवा खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि बरही एवं पदमा 2 लाख 80 हज़ार दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
 
बताया कि फाइलेरिया (हाथी पांव) बीमारी संक्रमित मच्छर के काटने से किसी भी आयु वर्ग में हो सकती है। यह संक्रमण लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है। अगर इससे बचाव न किया जाए तो इससे शारीरिक अंगों में असामान्य सूजन होती है। इससे ग्रसित लोगों को अक्सर सामाजिक बोझ सहना पड़ता है। उनकी आजीविका व काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। बचाव के लिए तीन प्रकार की दवाई दी जाती है। फाइलेरिया रोधी दवाईयों की निर्धारित खुराक से इससे बचाव किया जा सकता है।
 
डीएस डॉ प्रकाश ज्ञानी ने बताया कि फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। सामान्य लोगों को इन दवाओं के खाने से किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते हैं। अगर किसी को दवा खाने के बाद उल्टी, चक्कर, खुजली या जी मिचलाने जैसे लक्षण होते हैं तो यह इस बात का प्रतीक है कि उस व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद हैं जोकि दवा खाने के बाद परजीवियों के मरने के कारण उत्पन्न होते हैं। लोगों को तीन दवाओं डीईसी, एल्बेन्डाजोल और आईवरमेक्टिन दवा 10 अगस्त से खिलायी जाएगी। इन दवाओं को खाली पेट नहीं खाना है। कोई साइड इफेक्ट नहीं है। मौके पर डॉ मेराजुल इस्लाम, डॉ एजाज, मलेरिया सुपरवाइजर मो इरशाद, सुधांशु सुमन समेत अन्य अस्पताल कर्मी मौजूद थे। 

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