धान खरीद की तैयारी नहीं, किसानों में बढ़ा आक्रोश

तीन अक्टूबर से खरीद शुरू नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

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सितारगंज/नानकमत्ता। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों की सभा बुधवार को धान खरीद के मुद्दे को लेकर नानकमत्ता मंडी परिसर में आयोजित की गई। सभा में किसानों ने धान खरीद की व्यवस्थाओं को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। आमसभा के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से सौंपकर जल्द धान खरीद शुरू कराने समेत विभिन्न मांगें उठाईं।
 
बैठक को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि शासन-प्रशासन की ओर से एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू करने की घोषणा कर दी गई है, लेकिन मंडियों में खरीद की तैयारियां धरातल पर दिखाई नहीं दे रही हैं। किसानों का कहना था कि खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी नहीं होने के कारण किसानों के सामने अपनी उपज बेचने को लेकर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की फसल खरीद नीति से किसानों को हतोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उन्हें अपनी उपज निजी खरीदारों को कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
 
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से अखबारों में धान खरीद को लेकर बड़ी-बड़ी घोषणाएं की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है। उन्होंने कहा कि राइस मिलों का पिछले करीब 500 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित बताया जा रहा है। बकाया भुगतान नहीं होने के कारण राइस मिलें मंडियों में किसानों से धान खरीदने में रुचि नहीं दिखा रही हैं। ऐसी स्थिति में खेतों से मंडी तक पहुंचने वाली किसानों की फसल को समय पर खरीद नहीं मिली तो उसके खराब होने का खतरा पैदा हो सकता है।
 
किसानों ने कहा कि धान खरीद व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त किया जाए और मंडियों में खरीद शुरू करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन की ओर से 3 अक्टूबर तक धान खरीद शुरू नहीं की गई, तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
 
आमसभा के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में किसानों ने शीघ्र धान खरीद शुरू कराने और खरीद की गारंटी देने, राइस मिल मालिकों के लंबित भुगतान का निस्तारण कराने, बटाई एवं ठेके पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसानों के दस्तावेजों के आधार पर उनकी फसल खरीद सुनिश्चित करने तथा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने की मांग की।
 
इस दौरान अखिल भारतीय किसान सभा (लोकतंत्र) के जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह, जिला संयोजक जगीर सिंह, भाकियू (टिकैत) के मलूक सिंह खिंडा, भाकियू (चढ़ूनी) के अमरीक सिंह, अखिल भारतीय किसान महासभा के संयोजक ललित मटियाली सहित लोहर सिंह, त्रिलोक सिंह, अरूढ़ सिंह, दिनेश सिंह, मनखुशी राणा, बलबीर राणा, ध्यान सिंह, सुरसेवक सिंह, दलबीर सिंह, कुलदीप सिंह समेत दर्जनों किसान नेता मौजूद रहे।
 
 
 

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