याद ए सकीना बिन्तुल हुसैन में शहादत का ग़मगीन तज़केरा सुन अक़ीदतमंदों के छलके आंसू।

 हैदरी पत्थर गली शहनूर अलीगंज प्रयागराज की जानिब से शनिवार रात यादे सकीना बिन्तुल हुसैन (स.अ.) के अवसर पर एक मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

स्वतंत्र प्रभात।
 
 ब्यूरो प्रयागराज 
 
 हैदरी पत्थर गली शहनूर अलीगंज प्रयागराज की जानिब से शनिवार रात यादे सकीना बिन्तुल हुसैन (स.अ.) के अवसर पर एक मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।
 
 कार्यक्रम में दिल्ली से आए मौलाना सैयद कल्बे रुशैद साहब क़िबला ने ख़िताब करते हुए हज़रत सकीना (स.अ.) की ज़िंदगी,सब्र और करबला के पैगाम पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि करबला का संदेश इंसानियत, सब्र और सच्चाई पर डटे रहने की सीख देता है।
 
मजलिस की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन ए पाक से हुई, जिसके बाद नज़राना-ए-अक़ीदत और मर्सिया पेश किया गया। कार्यक्रम में शहर और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की और पूरे अदब व एहतराम के साथ मजलिस को सुना।ताबूत ए सकीना व अलम भी निकाला गया।जिसकी जियारत को अक़ीदतमन्दों का सैलाब उमड़ पड़ा। अन्जुमन हैदरिया रानी मण्डी के नौहाख्वानों ने पुरदर्द नौहा पढ़ा।आखिर में मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और इंसानियत की भलाई के लिए दुआ की गई।
 
 

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें