भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने राष्ट्रपति के नाम 7 सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार नवाबगंज को सौंपा

किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, खाद की उपलब्धता, आवारा पशुओं, गन्ना भुगतान व अमेरिकी ट्रेड डील समेत सात प्रमुख मांगें उठाईं

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

बरेली/नवाबगंज । भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में बुधवार को तहसील नवाबगंज में राष्ट्रपति के नाम संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार नवाबगंज को सौंपा गया। ज्ञापन में किसानों और आमजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
 
ज्ञापन में मांग की गई कि प्रयागराज में भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह सहित किसानों पर दर्ज 11 मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही प्रदेश में किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया व डीएपी खाद उपलब्ध कराई जाए तथा नकली खाद, नकली बीज और नकली दवाइयों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
 
किसान यूनियन ने आवारा पशुओं से हो रहे सड़क हादसों और किसानों की फसलों के नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी आवारा पशुओं को गोशालाओं में भेजने की मांग की। ज्ञापन में अयोध्या राम मंदिर चंदा प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा मंदिरों में आने वाले चंदे का उपयोग गोशालाओं के निर्माण एवं गौसेवा में किए जाने का सुझाव भी दिया गया।
 
इसके अलावा चीनी मिलों द्वारा किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की गई। ज्ञापन में विशेष रूप से बरेली जिले की बहेड़ी शुगर मिल और नवाबगंज की ओसवाल शुगर मिल द्वारा किसानों का लंबित भुगतान जल्द दिलाने की मांग उठाई गई।
 
भारतीय किसान यूनियन ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे भारतीय किसानों और डेयरी क्षेत्र को नुकसान हो सकता है। संगठन ने सरकार से किसानों के हितों की रक्षा करते हुए इस विषय पर पुनर्विचार करने की मांग की।
 
इस अवसर पर जिलाजिला प्रभारी चंद्रप्रकाश गंगवार सहित भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के अनेक पदाधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें