लखनऊ राज्य कर भवन में अत्याधुनिक लाइब्रेरी का उद्घाटन, अधिवक्ताओं को मिला ज्ञान का नया केंद्र

......सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन की पहल से तैयार हुई आधुनिक लाइब्रेरी, वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पुस्तकों को वकालत की आत्मा बताते हुए निरंतर अध्ययन पर दिया जोर

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लखनऊ। राजधानी के मीराबाई मार्ग स्थित राज्य कर भवन के चौथे तल पर सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन द्वारा नवनिर्मित अत्याधुनिक लाइब्रेरी का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। वरिष्ठ एवं सम्मानित अधिवक्ता बनवारी लाल दीक्षित ने फीता काटकर पुस्तकालय का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कर अधिवक्ता, बार पदाधिकारी एवं वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एक अधिवक्ता की सबसे बड़ी पूंजी उसका ज्ञान और अध्ययन होता है। कानून में होने वाले निरंतर बदलावों, नवीनतम न्यायिक निर्णयों तथा कर संबंधी प्रावधानों की जानकारी के लिए समृद्ध पुस्तकालय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि यह लाइब्रेरी अधिवक्ताओं के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ शोध एवं प्रभावी पैरवी में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन के महामंत्री रमेश श्रीवास्तव ने कहा कि अत्यल्प समय में इस आधुनिक लाइब्रेरी को तैयार कर संचालन योग्य बनाने का पूरा श्रेय लाइब्रेरी समिति के चेयरमैन एडवोकेट अरविंदर सिंह आनंद को जाता है। उन्होंने बताया कि उनके अथक परिश्रम और समर्पण के कारण अधिवक्ताओं को यह महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध हो सकी है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि पुस्तकें किसी भी अधिवक्ता की सच्ची मार्गदर्शक होती हैं। बदलते कानूनी प्रावधानों और कर व्यवस्था की अद्यतन जानकारी के लिए यह लाइब्रेरी युवा एवं वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए समान रूप से लाभदायक सिद्ध होगी। उन्होंने इस अवसर पर सभी अतिथियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के समापन पर मीडिया कमेटी के सदस्य एडवोकेट मोहम्मद सलीम ने बताया कि लाइब्रेरी में टैक्स, जीएसटी एवं विधि से संबंधित नवीनतम पुस्तकें, बेयर एक्ट्स तथा महत्वपूर्ण विधिक जर्नल्स का समृद्ध संग्रह उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को बेहतर पेशेवर सुविधाएं उपलब्ध कराना बार एसोसिएशन की प्राथमिकता है और यह लाइब्रेरी उसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कदम है। इससे कर अधिवक्ताओं की शोध क्षमता, विधिक ज्ञान और कार्यकुशलता को नई मजबूती मिलेगी।

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