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03 महीने से लगातार धड़ल्ले से धोबही में जारी है फर्जीवाड़ा, ज़िम्मेदार कुंभकर्णी नींद में मस्त*
बस्ती जिले के परसरामपुर 03 महीने से लगातार ग्राम पंचायत धोबही पर विकास कार्यों के नाम पर सरकारी खजाने को लूटने में ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा जुटी हुई है
बस्ती। बस्ती जिले के परसरामपुर 03 महीने से लगातार ग्राम पंचायत धोबही पर विकास कार्यों के नाम पर सरकारी खजाने को लूटने में ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा जुटी हुई है अर्थात् ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा का जुगाड़ फर्जीवाड़ा करने में सफल दिखाई दे रहा है । ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा सचिव , टीए व मनरेगा एपीओ को मुंहमांगा कमीशन देकर धड़ल्ले से विकसित भारत जी राम जी के कार्यों की फर्जी भुगतान कराने में सफल है । रोजगार सेवक / महिला मेट, ग्राम प्रधान, सचिव, टीए व मनरेगा एपीओ की लापरवाही से प्रदेश सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है ।
आपको बता दें कि विकासखंड परसरामपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत धोबही में लगातार 03 महीने से बड़े पैमाने पर विकास कार्यों के नाम पर फर्जीवाड़ा का खेल चल रहा है जिसमें रोजगार सेवक / महिला मेट , सचिव , तकनीकी सहायक , एपीओ मनरेगा व बीडीओं अहम भूमिका निभा रहे हैं । ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा का मनरेगा फर्जीवाड़ा करने में लगातार सफल होने पर मनोबल दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है और ग्राम पंचायत धोबही में विकास कार्य धीरे - धीरे बन्द हो रहा है । ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा ने 03 महीने से लगातार कई बार चार तालाबों की खुदाई व सफाई कार्य के नाम पर फर्जी मस्टर रोल जारी करवाई थी और फर्जी फोटो के सहारे चारों फर्जी मस्टर रोल को पूर्ण कर लिया है और सचिव, तकनीकी सहायक , एपीओ मनरेगा व खंड विकास अधिकारी को मुंहमांगा कमीशन का लालच देकर फर्जी भुगतान भी प्राप्त कर ली है ।
बड़ी बात यह है कि ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा के मनरेगा भ्रष्टाचार पर क्यों नहीं कार्यवाही हो पा रही है ? तेज तर्रार सीडीओ सार्थक अग्रवाल के कड़े निर्देश के बाद भी ग्राम पंचायत धोबही के मनरेगा भ्रष्टाचार मामले में जांच न हो पाना एवं कार्यवाही न हो पाना जांच का विषय बना हुआ है । जांच एवं कार्यवाही के नाम पर लीपा-पोती किया जा रहा है । ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा पंचायत चुनाव नजदीक देखकर सरकारी खजाने को पूरी तरह लूटने में अपार सफलता प्राप्त की है यदि ऐसे ही जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों का ग्राम प्रधान रेखा मिश्रा को सहयोग मिलता रहा तो भविष्य में कभी भी ग्राम पंचायत धोबही का समुचित विकास नहीं होगा और ग्राम पंचायत में विकास कार्यों हेतु आई धनराशि सरकारी खाते में नही बचेगी । अर्थात् ग्राम प्रधान की जेब गर्म होगी और सरकारी खाता खाली होगा । उक्त प्रकरण में मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने जांच के कार्रवाई करने का निर्देश दिया है ।
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