श्रीभूमि की शिक्षिका संगीता नाथ बर्धन कैंसर की चौथी स्टेज में भी नहीं रुका शिक्षण कार्य

जीवन संघर्ष के बीच भी विद्यार्थियों का भविष्य संवार रही हैं।

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श्रीभूमि : कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लंबे समय से संघर्ष करने के बावजूद अपने कर्तव्य से एक पल के लिए भी पीछे नहीं हटीं असम श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर क्षेत्र स्थित 1155 नंबर फनाई-बागान हरिजन एल.पी. स्कूल की शिक्षिका संगीता नाथ बर्धन। कैंसर की चौथी स्टेज से पीड़ित होने के बाद भी नियमित उपचार और कीमोथेरेपी की शारीरिक पीड़ा सहते हुए वह विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य निरंतर जारी रखे हुए हैं। उनकी अदम्य इच्छाशक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और शिक्षा के प्रति गहरी प्रतिबद्धता की शिक्षक समाज के साथ-साथ आम लोगों ने भी सराहना की है। शारीरिक कष्ट और अनेक कठिन परिस्थितियों के बावजूद विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के प्रति उनका समर्पण एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
 
परिवार सूत्रों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों से उनका इलाज चल रहा है। लंबे समय तक चले उपचार के कारण परिवार की लगभग पूरी जमा पूंजी समाप्त हो चुकी है। चिकित्सा खर्च वहन करने के लिए बैंक से ऋण भी लेना पड़ा है। वर्तमान में हर महीने लगभग 95 हजार रुपये की ऋण किस्त के साथ-साथ इलाज का भारी खर्च उठाना परिवार के लिए बेहद कठिन हो गया है। हाल ही में यह मामला समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए सामने आने के बाद रामकृष्णनगर क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक विजय मालाकार शिक्षिका के आवास पर पहुंचे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा आर्थिक सहायता प्रदान की।
 
इसके अलावा उन्होंने असम सरकार के मंत्री कौशिक राय और कृष्णेंदु पाल से भी इस विषय पर चर्चा की। दोनों ने शिक्षिका के बेहतर इलाज के लिए व्यक्तिगत रूप से आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। बताया गया है कि इस मामले को असम के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के संज्ञान में भी लाया गया है। सरकारी स्तर से भी संभावित सहायता का भरोसा दिया गया है। हालांकि बेहतर और उन्नत उपचार के लिए अभी भी बड़ी आर्थिक आवश्यकता है। ऐसे में शिक्षिका संगीता नाथ बर्धन के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके परिवार, सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने समाज के सभी वर्गों के लोगों से मानवीय सहयोग की अपील की है। एक समर्पित शिक्षिका के जीवन संघर्ष में साथ खड़े होकर अपनी क्षमता के अनुसार सहायता का हाथ बढ़ाने के लिए सभी संवेदनशील लोगों से आगे आने का आह्वान किया गया है।

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