गोरखपुर : फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी से करोड़ों की साइबर ठगी का पर्दाफाश, महिला गिरफ्तार
साइबर वज्र' अभियान में सहजनवां पुलिस की बड़ी सफलता, कई राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क
ब्युरो कार्यालय गोरखपुर ( उत्तर प्रदेश)
गोरखपुर। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'साइबर वज्र' अभियान के तहत सहजनवां पुलिस ने करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी संचालित कर लोगों को झांसा देकर ठगी करने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका पति समेत गिरोह के अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार थाना सहजनवां में दर्ज मुकदमा संख्या 355/2026 के तहत ग्राम पाली निवासी मनीषा पत्नी श्याम कुमार प्रजापति को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। अभियुक्ता के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2) एवं 61(1)(a) के तहत कार्रवाई की गई है।
फर्जी कंपनी बनाकर लोगों को बनाते थे शिकार
जांच में सामने आया कि मनीषा अपने पति श्याम कुमार प्रजापति और अन्य साथियों के साथ मिलकर एक फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी का संचालन कर रही थी। गिरोह लोगों को आसान ऋण, निवेश पर अधिक लाभ और वित्तीय सहायता का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद विभिन्न माध्यमों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया जाता था, जिससे जांच एजेंसियों के लिए धनराशि का पता लगाना कठिन हो जाता था।
देश के कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
Read More थाना दिवस बना मज़ाक न्याय की उम्मीदों पर फिर रहा पानी, ‘नोटों की थैली’ तय कर रही फ़ैसले का पैमाना साइबर नोडल अधिकारी द्वारा म्यूल बैंक खातों की जांच के दौरान इस बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि गिरोह से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 21 शिकायतें दर्ज हैं। इसके अलावा चार अलग-अलग राज्यों में इस गिरोह के खिलाफ आपराधिक मुकदमे भी दर्ज पाए गए हैं, जिससे स्पष्ट है कि यह नेटवर्क केवल गोरखपुर तक सीमित नहीं था।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार महिला के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं, जबकि मुख्य आरोपी श्याम कुमार प्रजापति सहित अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के पूरे नेटवर्क, बैंक खातों और आर्थिक लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर इस अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पूरी तरह पर्दाफाश किया जाएगा।


Comments