सीएम के आने से पहले नेताओं कोपुलिस ने किया हाउस अरेस्ट, भाजपा नेता भी शामिल

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बस्ती। बस्ती जिले में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के बस्ती आगमन से पहले सुरक्षा और शांतिभंग की आशंका के मद्देनजर करीब आधा दर्जन नेताओं को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। खास बात ये है कि इनमे एक भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ भी हैं। वैसे किसी नेता को हाउस अरेस्ट करने का कोई पयार्प्त कारण नही है। 
 
लेकिन सुदामा को क्यों हाउस अरेस्ट किया गया यह हतप्रभ करने वाला है। चन्द्रमणि पाण्डेय का कहना है कि उनका नाम हेलीपैड पर मिलने वालों में जिलाध्यक्ष ने स्थानीय प्रशासन के पास भेजा था, लेकिन वे षडयंत्र का शिकार हो गये। यह किस स्तर से हुआ जांच का विषय है। उन्होने यह भी कहा कि प्रशासन को इस बात का डर था कि कि नाकामियां मुख्यमंत्री के सामने न आ जायें। यह वही जिला प्रशासन है जिसने मखौड़ा से 65 किमी. बाइक से चलकर बस्ती पहुंचे युवाओं से ज्ञापन लेने से मना कर दिया था। 
 
पोल खुले इससे अच्छा प्रशासन ने हाउस अरेस्ट करना उचित समझा। इसके अलावा यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुधीर यादव, प्रशांत पाठक जिलाध्यक्ष एनएसयूआई तथा अनूप पाठक जिला सचिव कांग्रेस पार्टी को भी नजरबंद रखा गया। मुख्यमंत्री के जाने के बाद इन्हे आजाद किया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसकी निन्दा की है। पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ज्ञानू ने कहा इन युवा नेताओं ने मुख्यमंत्री के विरोध या किसी प्रदर्शन आदि कोई घोषणा भी नही की थी। 
 
ऐसे मे सीएम के आने पर इन्हे हाउस अरेस्ट करना मानसिक दिवालियापन और पूर्वाग्रह से प्रेरित बताया। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व मण्डल प्रभारी एवं विधानसभा संयोजक मुस्लिम भाई चारा कमेटी के.पी. राठौर को भी हाउस अरेस्ट किया गया।
 
राठौर मुख्यमंत्री की जनपद यात्रा के दौरान मिलकर जनपद की समस्याओं, कानून व्यवस्था, ऐथनाल फैक्ट्री, लालगंज के सिद्धनाथ गांव में मासूम दलित बेटी की हत्या, मेहनौना में लक्ष्मण निषाद की हत्या,  मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के जोगिया में हुई मौत सहित अन्य मामलों को लेकर ज्ञापन देना चाहते थे।

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