ऐतिहासिक 150वें वर्ष की जनकपुरी भावना एस्टेट रोड पर सजेगी, बाबरपुर का नाम 'जनकपुरी' करने का प्रस्ताव; विधायक ने दिया सकारात्मक आश्वासन

आगरा की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का प्रतीक जनकपुरी महोत्सव इस वर्ष अपने ऐतिहासिक 150वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है।

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आगरा | की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का प्रतीक जनकपुरी महोत्सव इस वर्ष अपने ऐतिहासिक 150वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस विशेष अवसर पर श्री रामलीला कमेटी, आगरा ने जनकपुरी महोत्सव के आयोजन के लिए सिकंदरा स्थित भावना एस्टेट रोड का चयन किया है। आयोजन स्थल की आधिकारिक घोषणा के साथ ही पूरे सिकंदरा क्षेत्र में उत्साह, उल्लास और धार्मिक वातावरण देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताते हुए आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

आगरा किला स्थित श्री रामलीला मैदान में आयोजित बैठक में श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने सिकंदरा अपार्टमेंट्स एसोसिएशन (SAA) के अध्यक्ष डॉ. जी.पी. अग्रवाल तथा चैम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों संजय गोयल और मनोज बंसल को जनकपुरी महोत्सव आयोजन का आधिकारिक स्वीकृति पत्र सौंपकर इसकी औपचारिक घोषणा की।

इस अवसर पर सिकंदरा अपार्टमेंट्स एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ठाकुर राजा सिंह चौहान सहित वरिष्ठ सदस्य विश्वनाथ जुनेजा, अंकुश मित्तल, निशांत, राणा सुशील सिंह, अवनीत कुमार अवस्थी, अशोक कुमार गुप्ता (एडवोकेट), अनुज गुप्ता, अरुण गुप्ता, संतोष कटारा, धीरज अग्रवाल, प्रशांत बेरी, तिलक राज अरोड़ा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।

बाबरपुर का नाम 'जनकपुरी' करने का प्रस्ताव

बैठक के दौरान सिकंदरा अपार्टमेंट्स एसोसिएशन के सदस्यों ने क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को स्थायी स्वरूप देने के उद्देश्य से बाबरपुर का नाम बदलकर "जनकपुरी" किए जाने का प्रस्ताव विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल के समक्ष रखा।

प्रस्ताव पर विधायक ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि यदि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सहमति रहती है तो इसे नगर निगम की प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने क्षेत्रीय पार्षद वेद प्रकाश गोस्वामी को निर्देश दिए कि प्रस्ताव को नगर निगम की आगामी हाउस बैठक में प्रस्तुत कराया जाए। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रस्ताव के पारित होने तक वह स्वयं इसकी निगरानी करेंगे और आवश्यक स्तर पर पूरा सहयोग देंगे।

150वां वर्ष बनेगा ऐतिहासिक

श्री रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि जनकपुरी महोत्सव का 150वां वर्ष होने के कारण इस बार आयोजन को विशेष रूप से भव्य और आकर्षक बनाया जाएगा। भावना एस्टेट रोड को मिथिला की सांस्कृतिक झलक के अनुरूप सजाया जाएगा। आकर्षक विद्युत सज्जा, विशाल स्वागत द्वार, धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां, पारंपरिक अलंकरण, भक्ति संगीत और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की जाएंगी।

आयोजन में शहर ही नहीं बल्कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए यातायात, सुरक्षा, पार्किंग, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।

सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा नया आयाम

जनकपुरी महोत्सव भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह प्रसंग पर आधारित उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है। पिछले डेढ़ शताब्दी से यह आयोजन आगरा की पहचान बना हुआ है और हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।

इस वर्ष सिकंदरा में आयोजित होने वाला 150वां जनकपुरी महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। वहीं, बाबरपुर का नाम बदलकर "जनकपुरी" किए जाने का प्रस्ताव भी चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। यदि नगर निगम में यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो यह क्षेत्र के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ सकता है।

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