विंध्यधाम में मुख्यमंत्री योगी ने किए मां विंध्यवासिनी के दर्शन, विकास कार्यों की समीक्षा कर दिए कई निर्देश
विंध्याचल, मीरजापुर।
रामलाल साहनी
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बुधवार को विंध्यधाम पहुंचकर मां विंध्यवासिनी देवी के दरबार में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 12:15 बजे मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शन-पूजन के बाद विंध्य कॉरिडोर की प्रगति की भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर स्थित प्रवेश प्लाजा में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के हाथों से बने कार्पेट, दरी, बेसन के पापड़, सरसों के तेल सहित अन्य उत्पादों की जानकारी प्राप्त की तथा तुलसी के पौधों का वितरण किया। उन्होंने वहां मौजूद बच्चों को चॉकलेट बांटकर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
दर्शन-पूजन के उपरांत मुख्यमंत्री अष्टभुजा पहाड़ी स्थित सर्किट हाउस (डाक बंगला) पहुंचे।

, जहां उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में मीरजापुर, हलिया और मटवार क्षेत्र की सड़कों के मरम्मत कार्य, इंटरलॉकिंग एवं सड़क निर्माण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। वन विभाग को भी स्थानीय स्तर पर आवश्यक समन्वय स्थापित करने के लिए निर्देशित किया गया।
मुख्यमंत्री ने मीरजापुर नगर की सड़कों को स्वच्छ, सुंदर एवं आधुनिक स्वरूप देने के उद्देश्य से गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साथ ही विंध्याचल से कालीखोह एवं अष्टभुजा जाने वाले मार्गों के सुंदरीकरण तथा श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
बैठक में मीरजापुर के रेलवे अंडरपास मार्गों की मरम्मत एवं जलभराव जैसी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए रेलवे विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा बैठक में मीरजापुर, भदोही एवं सोनभद्र जनपदों के जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित सड़क, सेतु, धर्मार्थ कार्यों, बाईपास सड़क एवं अन्य विकास योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सांसदों से समन्वय स्थापित कर विधायक अपने प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध कराएं तथा संबंधित जिलाधिकारी उन्हें शीघ्र शासन को भेजना सुनिश्चित करें, ताकि 15 जुलाई तक स्वीकृति एवं 15 अगस्त तक धनराशि अवमुक्त की जा सके।
बैठक में नगर विधायक पंडित रत्नाकर मिश्र, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक समाप्त होने के बाद क्षेत्र में तेज बारिश शुरू हो गई। इसके बाद मुख्यमंत्री हेलीपैड पहुंचे और हेलीकॉप्टर से चित्रकूट के लिए रवाना हो गए।


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