श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा जीपी के मोकामछड़ा कॉलोनी के दिव्यांग दुलु नाथ की दर्दभरी जिंदगी, इलाज और सरकारी सहायता की गुहार

मुख्यमंत्री, स्थानीय सांसद एवं विधायक से मानवीय हस्तक्षेप की अपील

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

श्रीभूमि : असम के श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के  दुल्लभछड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत मोकामछड़ा कॉलोनी निवासी 58 वर्षीय दिव्यांग दुलु नाथ (पिता: स्वर्गीय दीपचरण नाथ) आज गंभीर आर्थिक तंगी और शारीरिक असहायता के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं। लगातार दो भीषण सड़क दुर्घटनाओं ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है और आज वे सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हैं।
 
स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2005 में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दुलु नाथ ने अपना एक पैर गंवा दिया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दिव्यांग होने के बावजूद दुल्लभछड़ा के समीप बड़े बाजार में चाय बेचकर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण करते रहे। लेकिन वर्ष 2022 में हुई एक और सड़क दुर्घटना में उनके दूसरे पैर में गंभीर चोट लग गई। लंबे समय तक इलाज कराने के बावजूद वे पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो सके हैं। वर्तमान में उनकी शारीरिक स्थिति इतनी कमजोर है कि दैनिक कार्य करना भी उनके लिए लगभग असंभव हो गया है।
 
परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद दयनीय है। उनकी एक बेटी पढ़ाई लिखाई में आंबल रामकृष्णनगर कॉलेज में पढ़ाई कर रही है, लेकिन आने-जाने का खर्च उठाना परिवार के लिए कठिन हो गया है। उनका 8 वर्षीय एक पुत्र और दो पुत्रियों इन तीन बच्चों की शिक्षा एवं भरण-पोषण की जिम्मेदारी है, जिससे पूरा परिवार आर्थिक संकट और अनिश्चितता के बीच जीवन गुजार रहा है। जानकारी के अनुसार, दुलु नाथ आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से भी वंचित हैं। उनका कच्चा और जर्जर घर बारिश के समय टपकने लगता है तथा घर के भीतर पानी भर जाता है, जिससे पूरा परिवार अत्यंत कठिन परिस्थितियों में रहने को मजबूर है।
 
ऐसी विषम परिस्थितियों में दुलु नाथ ने असम के लोकप्रिय मुख्यमंत्री, स्थानीय प्रशासन, श्रीभूमि के सांसद कृपानाथ मालाह तथा रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बिजय मालाकार से इलाज, आर्थिक सहायता, आवास सुविधा तथा बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने की भावुक अपील की है। जागरूक नागरिकों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से इस मामले में शीघ्र मानवीय हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए, तो यह दिव्यांग एवं असहाय परिवार सम्मानपूर्वक जीवन-यापन कर सकेगा तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ पाएगा।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें