महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों पर ठेकेदार द्वारा चलाया गया आरा

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महराजगंज/रायबरेली:   महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि, लकड़ी ठेकेदार 'जादूगर' द्वारा आम के हरे एवं सूखे फलदार पेड़ों पर बिना वैध अनुमति आरा चलवाकर शुक्रवार को कटान कराई गई। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
 
आपको बता दें कि, वन विभागीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित पेड़ों की कटान के लिए आवश्यक अनुमति होने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बिना वैध स्वीकृति के कटान किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, विभागीय स्तर पर मामले की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
 
इस बीच कथित अवैध कटान से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल तस्वीरों के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है और ग्रामीणों ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि, यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे मामलों को बढ़ावा मिलेगा।
 
सूत्रों का यह भी कहना है कि, यदि जांच में अवैध कटान की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
 
फिलहाल पूरे मामले पर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगाहें टिकी हुई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि, जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि, लकड़ी ठेकेदार 'जादूगर' द्वारा आम के हरे एवं सूखे फलदार पेड़ों पर बिना वैध अनुमति आरा चलवाकर शुक्रवार को कटान कराई गई। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
 
आपको बता दें कि, वन विभागीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित पेड़ों की कटान के लिए आवश्यक अनुमति होने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बिना वैध स्वीकृति के कटान किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, विभागीय स्तर पर मामले की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
 
इस बीच कथित अवैध कटान से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल तस्वीरों के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है और ग्रामीणों ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि, यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे मामलों को बढ़ावा मिलेगा।
 
सूत्रों का यह भी कहना है कि, यदि जांच में अवैध कटान की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
 
फिलहाल पूरे मामले पर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगाहें टिकी हुई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि, जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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