विश्व रोइंग कप में भारत का ऐतिहासिक स्वर्ण

उज्ज्वल कुमार सिंह और लक्ष्य ने रचा इतिहास

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बरेली/ल्यूसर्न (स्विट्जरलैंड)। भारतीय रोइंग के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। भारतीय रोवर उज्ज्वल कुमार सिंह और उनके साथी लक्ष्य ने विश्व रोइंग कप 2025 की लाइटवेट पुरुष डबल स्कल्स  स्पर्धा में 6 मिनट 26.09 सेकंड का शानदार समय निकालते हुए भारत के लिए पहली बार विश्व रोइंग कप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि भारतीय रोइंग के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है। विश्व रोइंग कप के इतिहास में भारत को पहली बार स्वर्ण पदक दिलाने वाली इस जोड़ी ने अपने उत्कृष्ट तालमेल, तकनीकी दक्षता और संघर्षशील प्रदर्शन से विश्वभर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
 
उज्ज्वल कुमार सिंह उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद की आंवला तहसील के ग्राम अटरछेड़ी के निवासी हैं। वे स्वर्गीय वीर बहोरन सिंह के सबसे छोटे पुत्र हैं। उनके बड़े भाई रवि कुमार सिंह, सुरजीत सिंह और रंजीत कुमार सिंह हैं| उनके एक भाई भारतीय सेना में सेवारत  हैं। देशसेवा की प्रेरणा से उज्ज्वल स्वयं भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और सेना(Services) का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
 
उज्ज्वल की सफलता एक दिन की नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने 38वें राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके बाद 42वीं सीनियर राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वर्ष 2024 में भी उन्होंने एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर देश और अपने क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। इसके अतिरिक्त उन्होंने ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर तीसरा स्थान भी प्राप्त किया।
 
अब विश्व रोइंग कप में ऐतिहासिक स्वर्ण जीतने के साथ उज्ज्वल कुमार सिंह ने भारतीय रोइंग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल बरेली और उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश और विदेश लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर अभ्यास और मेहनत से विश्व मंच पर भी तिरंगा बुलंद किया है।
 
उज्ज्वल कुमार सिंह का अगला लक्ष्य एशियाई खेलों, विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खेल जगत, सेना, क्षेत्रवासियों और देशभर से उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाइयां मिल रही हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राष्ट्रीय युवा पुरस्कार प्राप्त (भारत सरकार) एवं रा.से.यो. राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त समाजसेवी एवं मित्र मोहित शर्मा ने उज्ज्वल कुमार सिंह एवं लक्ष्य को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा, विश्व रोइंग कप में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीतना केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए गर्व और सम्मान का क्षण है।
 
 बरेली की धरती के लाल उज्ज्वल कुमार सिंह ने अपने अदम्य साहस, अनुशासन और अथक परिश्रम से यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कोई लक्ष्य असंभव नहीं होता। आपने न केवल उत्तर प्रदेश और बरेली का, बल्कि पूरे भारत का मस्तक विश्व मंच पर गर्व से ऊंचा किया है। आपकी यह ऐतिहासिक सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। मैं आपको और आपके साथी लक्ष्य को इस स्वर्णिम उपलब्धि पर हृदय की गहराइयों से बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं तथा आपके उज्ज्वल भविष्य, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेलों और ओलंपिक में भी स्वर्णिम सफलता की कामना करता हूं।

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