खजनी तहसील क्षेत्र में मानसून की दस्तक, झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिले

धान की रोपाई को मिली रफ्तार, खेतों में लौटी नमी से बढ़ी उम्मीदें

शत्रुघन मणि त्रिपाठी  Picture
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 रिपोर्टर : रामअशीष तिवारी ( ख़जनी तहसील)

ख़जनी -गोरखपुर। खजनी तहसील क्षेत्र में मंगलवार सुबह मानसून की जोरदार दस्तक के साथ हुई झमाझम बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। पिछले कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर आखिरकार मुस्कान लौट आई। लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण खेतों की नमी पूरी तरह खत्म हो चुकी थी, जिससे धान की रोपाई और बेहन (नर्सरी) की सुरक्षा को लेकर किसान चिंतित थे।


सबसे अधिक परेशानी उन किसानों को हो रही थी, जिनके गांवों में नहर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे किसानों को पंपसेट के सहारे खेतों और धान की नर्सरी में पानी देना पड़ रहा था। इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी। किसानों को इस बात का भी डर था कि यदि रोपाई के बाद समय पर बारिश नहीं हुई तो धान के पौधे सूख सकते हैं और पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है।

पिछले 15 से 20 दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी और लू जैसी स्थिति ने धान की खेती पर संकट खड़ा कर दिया था। खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही थी और धान के बेहन को बचाए रखने के लिए किसानों को प्रतिदिन सिंचाई करनी पड़ रही थी। इससे डीजल और बिजली का खर्च बढ़ने के साथ खेती की लागत में भी इजाफा हो रहा था।

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मंगलवार को हुई अच्छी बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी लौट आई है। अब धान की रोपाई के लिए कम सिंचाई की आवश्यकता पड़ेगी, जिससे किसानों का समय और खर्च दोनों बचेंगे। जिन किसानों के धान के बेहन तैयार हो चुके हैं, उन्होंने रोपाई का कार्य तेज कर दिया है।

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बारिश का लाभ केवल धान की खेती तक सीमित नहीं है। गन्ने सहित अन्य खरीफ फसलों को भी इससे पर्याप्त नमी मिली है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में मानसून सामान्य बना रहा तो खरीफ सीजन की खेती बेहतर रहने की संभावना है और किसानों को अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी।

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बारिश के बाद क्षेत्र का मौसम भी सुहावना हो गया है। किसानों का कहना है कि समय पर मानसून पहुंचने से इस वर्ष धान की खेती के बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद जगी है और लंबे समय से बनी चिंता अब काफी हद तक दूर हो गई है।

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