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अनुसूचित जाति के पुश्तैनी जमीन पर दबंगो का कब्जा अनुसूचित जाति लगा रहे हैं कोर्ट का चक्कर नहीं मिल रहा कोई न्याय।
पूर्व में रहे लेखपाल के द्वारा कुटर रचित तरीके से अपने लोगों के नाम किया गया। जमीन उसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच दिया गया दूसरों के हाथ जमीन।
हलिया मीरजापुर।
संवाददाता प्रवीण तिवारी
मीरजापुर। हलिया थाना क्षेत्र के सुईया कला गांव के एक दर्जन से ज्यादा अनुसूचित जाति के पुश्तैनी जमीन 1375 फसली व 1415 फसली पूर्व में रहे।

लेखपाल छेदीलाल पटेल के द्वारा कुत्रचित तरीके से दस्तावेज तैयार करके अनुसूचित जाति की जमीन अपने लोगों के नाम करवा कर बाद में इस जमीन का बिक्री दूसरों के हाथ कर दिया गया जिससे अनुसूचित जाति के लोग एक दर्जन से ज्यादा लगा रहे हैं कोर्ट का चक्कर नहीं मिल रहा।

उनको न्याय यहां तक की तहसील प्रशासन और क्षेत्रीय प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई भी कर रही है वही पीड़ित परिवार का मांग है कि हमें उचित न्याय मिले हम लोग न्याय के चक्कर में 40 वर्षों से भटक रहे हैं हम लोगों की पुश्तैनी जमीन पहले लेखपाल के द्वारा अपने लोगों के नाम कराया गया उसके बाद जमीन को बेच लिया गया।

पीड़ित परिवार के केवला पुत्र तेरसु उम्र लगभग 80 वर्ष ने बताया कि हम लोग चार भाई हैं तीन भाई मौके पर जिंदा है एक भाई की मौत हो गई है हम लोगों को प्रशासन के द्वारा इतना प्रताड़ित किया जाता है कि दबंग लोग जमीन भी पूरा कब्जा कर लिए हम लोगों की जमीन प्रशासन के द्वारा कटवाकर उनको ही दे दिया ।

जाता है हम पूरा परिवार कोर्ट का चक्कर लगा रहे हैं न्याय के इतजार में बैठे हैं कब तक मिलेगा न्याय दूसरा भाई राज नारायण पुत्र तेरसु उम्र लगभग 70 वर्ष ने भी बताया कि हम लोगों के साथ फर्जी फंसा कर जमीन भी कब्जा किया गया। वह राम लालू ने बताया कि हमारा जमीन पुलिस द्वारा एसडीम द्वारा लुटा जा रहा है हम लोगों को न्याय चाहिए हम लोग तहसील दिवस से लेकर कोर्ट तक का लगा रहे हैं चक्कर जमीन के आस में हम चारों भाइयों का पूरा परिवार एक दर्जन से
ज्यादा परिवार कोर्ट का चक्कर लगा रहा है लेकिन अभी तक नहीं मिला न्याय अब यह देखना है कि कब तक मिलता है हम लोगों को न्याय न्याय के इतजार में बैठा है एक दर्जन अनुसूचित जाति का परिवार
जबकि इस मामले में तमाम यस आई व पुलिस कर्मियों को भी मिल चुकी है नोटिस


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