नगरपालिका प्रशासन पर भूमाफिया भारी,बेशकीमती जमीनों का चिन्हांकन करवाने मे छूट रहा पसीना

बस्ती जिले के नगर पालिका के वार्ड नम्बर 25 मोहल्ला पिकौरा बक्श मे बेशकीमती जमीनों पर भूमाफियाओं का कब्जा है। एक षडयंत्र के तहत लेखपाल व नगरपालिका की मिलीभगत से इन जमीनों को भूमाफियाओं ने अपने नाम करा लिया था।

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बस्ती। बस्ती जिले के नगर पालिका के वार्ड नम्बर 25 मोहल्ला पिकौरा बक्श मे बेशकीमती जमीनों पर भूमाफियाओं का कब्जा है। एक षडयंत्र के तहत लेखपाल व नगरपालिका की मिलीभगत से इन जमीनों को भूमाफियाओं ने अपने नाम करा लिया था। समाजसेवी उमाशंकर गुप्ता के अथक प्रयासों व लम्बे संघर्ष के बाद उक्त जमीनों को पूर्व के एसडीएम सदर गुलाब चन्द ने भमाफियाओं का नाम खारिज करने का आदेश देकर इस पर पुनः नगरपालिका का नाम दर्ज करा दिया था। 
 
हैरानी इस बात की है कि भूमाफियाओं के दबाव मे नगरपालिका प्रशासन इन जमीनों का चिन्हांकन नही करवा रहा है, जिससे आज भी यहां अवैध कब्जा बना हुआ है। पिकौरा बक्स मोहल्ले मे गाटा संख्या 105 अभिलेखों में कूड़ाघर दर्ज है जिसका चिन्हांकन किए जाने की आवश्यकता है। उक्त जमीन के पैमाइश की मांग समाजसेवी उमाशंकर गुप्ता कई वर्षों से करते आ रहे हैं। उन्होने बताया कि इस जमीन को भूमाफियाओं ने कूड़े से ढक दिया है और बेंचने की फिराक मे हैं। तमाम मौखिक शिकायत के बावजूद चिन्हांकन नहीं किया जा रहा है। 
 
वार्ड नंबर 25 पिकौरा बक्स त्रिपाठी गली गांधी नगर बस्ती का 870 नंबर सुलभ शौचालय जो नगर पालिका परिषद बस्ती के अभिलेख में दर्ज है, अधिशाषी अधिकारी अंगद गुप्ता व वार्ड के वर्तमान लेखपाल से दसियों बार मांग की गई है कि इसका चिन्हांकन कराया जाए। लेकिन अधिकारियों का रवैया उदासीन रहा है। भूमाफियाओं ने इस पर मकान बनवा लिया है, उक्त मकान को नगर पालिका द्वारा नया नंबर भी दे दिया गया है। इसी मोहल्ले मे गाटा संख्या 105 के बगल मे अभिलेखों में सार्वजनिक कूंआ दर्ज है, इसका आधा हिस्सा बेंच दिया गया है, जि पर मकान बन चुका है और आधा हिस्सा बेंचने की तैयारी की जा रही है। 
 
अधिशाषी अधिकारी अंगद गुप्ता से बार बार शिकायत करने पर कहा जाता है कि आख्या ली जा रही है। प्रकरण मे संवाददाता ने बात की तो उन्होने बताया कि समाधान दिवस मे उमाशंकर गुप्ता ने शिकायती पत्र दिया है।
 
मामले की जांच की जा रही है शीघ्र ही जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जायेगा। उमाशंकर गुप्ता का कहना है कि हमारे वार्ड मे पहले प्राइमरी स्कूल हुआ करता था जो प्राइवेट बिल्डिंग मे चलता था। सरकारी जमीन न मिलने के कारण प्राइमरी स्कूल बंद हो गया। नगरपालिका उपरोक्त जमीनों को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त करा पाता तो वार्ड मे एक प्राइमरी स्कूल खोला जा सकता है जिससे नौनिहालों को अपने ही वार्ड मे स्कूल मिल जायेगा।
 
 

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