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बस्ती जिले के भ्रष्टाचार के महारथी अंगद की तरह पाव जमाए सच्चू पर विनय कुमार द्विवेदी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे
आखिर निलंबन के बाद भी संदीप चौधरी पर इतनी मेहरबानी क्यों बहाल होते ही दे दिए 10 ग्राम पंचायतों का प्रभार.. बड़ा सवाल क्या सचिव संदीप चौधरी के रसूख के आगे बेबस हैं BDO हरैया विनय कुमार द्विवेदी।।
बस्ती। बस्ती जिले में आजकल अनोखा कार्य विकास के लिए हो रहा है जिसको ना तो जिले की जिम्मेदार अधिकारी अमल कर रहे हैं और ना खंड विकास अधिकारी द्वारा मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई कर कर रहे हैं विकास विभाग में मैं महीने में दुबौलिया विकासखंड में जेसीबी और टैक्टर से कार्य हो रहे हैं सबसे मजे की बात तो यह है।
कप्तानगंज विकासखंड में बिना कार्य कराए ही भुगतान लिया जा रहा है खंड विकास अधिकारी अपने ए सी रूम से बाहर ही नहीं निकल रहे हैं सचिन फार्मर रजिस्ट्री के नाम पर अपने कार्य पूरा कर रहे हैं विकास के नाम पर मची लूट रुकने का नाम नहीं ले रहा है तालाब सफाई के नाम पर कई लाखों रुपए बर्बाद हो रहे हैं विकास जीरो और सरकारी धन की खपत करोड़ों में हो रही है।
मुख्यमंत्री के आदेशों को जिले के अधिकारी दरकिनार करके या तो लूटमची है और पुलिस विभाग द्वारा तो सरकार को बदनाम किया जा रहा है विकास के नाम पर लूट राजस्व विभाग द्वारा मनमानी कार्य करने से आम जनमानस परेशान है हरैया ब्लाक में नहीं चलता है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फरमान यहां पर सचिन मनमानी करते हुए बिना कार्य कराए बिना मजदूर लगाएं 80 से 50 से मजदूर लगाए जा रहे हैं लेकिन धरातल पर कार्य कोई नहीं हो रहा है कैसे होगा जिले का विकास लूट मचाने में कोई अधिकारी कसर नहीं छोड़ रहा है कैसे होगा जिले का विकास विकास के नाम पर लूट मची हुई है।
चलता है फरमान तो सिर्फ हरैया ब्लाक में तैनात ग्राम पंचायत सचिवों काहरैया ब्लॉक में 88 ग्राम पंचायतों में बना मिनी सचिवालय सचिवों की मनमानी से हुआ बदहाल जनता सचिवों का इंतजार करते-करते दिन बीत जा रहा है लेकिन सचिवालय पर जिले के किसी विकासखंड में सचिन नहीं बैठ रहे हैं कैसे जनता की समस्याओं का हाल होगा खंड विकास अधिकारी अपने ए सी रूम से बाहर नहीं निकलते हैं मनमानी मजदूर लग रहे हैं जो की धरातल पर कुछ नहीं दिखाई दे रहा है।
ना तो किसी तालाब की सफाई हो रही है और ना ही मजदूर दिखाई दे रहे हैं कागज में 80 से 85 मजदूरों का मास्टर रोल जारी हो रहा हैBDO विनय कुमार द्विवेदी सचिवों की मनमानी के आगे है घुटने टेक दिए हैं क्योंकि भ्रष्टाचार का हिस्सा 40% इनको भी जाता है इसीलिए सचिव मनमानी करके और प्रधान की मिली भगत हो रही है लुट और लुट के हिस्से में खंड विकास अधिकारी हिस्सा लेते हैं।
कप्तानगंज के खंड विकास अधिकारी के कारनामे अजीबोगरीब है सचिन पर शिकंजा कसने में नाकाम साबित होते हैं दबंग सचिव रजनी दुबे का भ्रष्टाचार पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है लेकिन उपाध्याय जी खंड विकास अधिकारी 15 20 दिनों के मेहमान बचे हुए हैं लेकिन भ्रष्टाचार छोड़ने का नाम नहीं ले रहे हैं वही हरैया ब्लाक के कई सालों से जमीन सचिव सबसे भ्रष्ट सचिव संदीप चौधरी लगभग 7 सालों से एक ही प्लांट पर लूट मचाई हैं इन पर कार्रवाई न तो जिलाधिकारी कर पा रहे हैं ना मुख्य विकास अधिकारी कर पा रहे हैं ना खंड विकास अधिकारी कोई कार्रवाई कर पाए ऐसे भ्रष्ट सचिव को तो बर्खास्त कर देना चाहिए निलंबित की बात तो दूर की
हरैया ब्लाक के 88 ग्राम पंचायतों में कहीं नहीं संचालित हो रहा असली मिनी सचिवालय.सभी सचिव ब्लॉक मुख्यालय पर प्राइवेट मुंशी रखकर चला रहे कार्यालय..
ग्रामीणों को काम के लिए लगाना पड़ रहा है प्राइवेट ऑफिसों का चक्कर.प्राइवेट मुंशी ग्रामीणों से काम के बदले धन मांगने के आरोप-- ग्रामीण।
संदीप चौधरी जैसे 5 सालों से अंगद की तरह पांव जमा कर बैठे सचिवों पर आखिर BDO विनय कुमार द्विवेदी इतने क्यों है मेहरबान क्योंकि सबसे ज्यादा हिस्सा संदीप चौधरी विनय कुमार द्विवेदी को देते हैं इसलिए उनका ट्रांसफर हरैया ब्लाक से नहीं जाने दे रहे हैंआखिर निलंबन के बाद भी संदीप चौधरी पर इतनी मेहरबानी क्यों बहाल होते ही दे दिए 10 ग्राम पंचायतों का प्रभार.. बड़ा सवाल
क्या सचिव संदीप चौधरी के रसूख के आगे बेबस हैं BDO हरैया विनय कुमार द्विवेदी इन अधिकारियों की आज से अधिक संपत जांच की जाए तो जिले में अच्छे-अच्छे अधिकारी धराशाई हो जाएंगे और इस भ्रष्टाचार के रूप से बनी कोठी और गाड़ियां सब सरकार द्वारा नीलाम कर दी जाएगी।
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