मेडिकल स्टोर के अस्तित्व पर संकट, ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगाने की मांग

बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री हो रही है,जिससे नशाखोरी और नकली दवाओं का खतरा बढ़ रहा है

BIHAR SWATANTRA PRABHAT Picture
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मसौढ़ी!अखिल भारतीय ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट संगठन के आह्वान पर देशभर के दवा व्यापारी 20 मई को अपने प्रतिष्ठान बंद रखा। यह राष्ट्रव्यापी बंद ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने की मांग को लेकर किया गया है।इसमें खुदरा और थोक दवा व्यापारी शामिल थे।मसौढ़ी में दवा विक्रेताओं ने आम जनता को 20 मई से पहले आवश्यक दवाइयां खरीदने की सूचना सोशल मीडिया एवं अखबार  के माध्यम से दी गई।

मसौढ़ी केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश कुमार एवं सचिव अनिल कुमार ने बताया कि ऑनलाइन ई-फार्मेसी पर रोक लगाने की मांग को लेकर यह आंदोलन किया गया. उनका आरोप है कि बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री हो रही है,जिससे नशाखोरी और नकली दवाओं का खतरा बढ़ रहा है. दूसरा बड़ा मुद्दा कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट (प्रिडेटर प्राइसिंग) है,जिससे छोटे और स्थानीय दवा दुकानदारों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है.तीसरा कारण सरकारी नीतियों में बदलाव और अवैध ई-फार्मेसी के खिलाफ सख्त कानून की मांग है. संगठन ने सरकार से इस दिशा में ठोस कार्रवाई की मांग की है.ऑनलाइन दवा व्यापार न केवल दवा व्यापारियों के लिए खतरा बन गया है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा पर भी सवालिया निशान खड़े कर रहा है।

उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट कंपनियां भारी छूट देकर दवा व्यवसाय पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं।इसके चलते फुटकर दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है।दवा व्यापारियों ने बताया कि आज संगठन के आह्वान पर देशभर के व्यापारी अपना कारोबार बंद रखकर केंद्र सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त रोक लगाने और दवा व्यापार के अवैध तरीकों को बंद करवाने की मांग करेंगे।ऑनलाइन ई-फार्मेसी पर रोक लगाने की मांग को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है. उनका आरोप है कि बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री हो रही है,जिससे नशाखोरी और नकली दवाओं का खतरा बढ़ रहा है. दूसरा बड़ा मुद्दा कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट (प्रिडेटर प्राइसिंग) है, जिससे छोटे और स्थानीय दवा दुकानदारों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है. तीसरा कारण सरकारी नीतियों में बदलाव और अवैध ई-फार्मेसी के खिलाफ सख्त कानून की मांग है. संगठन ने सरकार से इस दिशा में ठोस कार्रवाई की मांग की है.इस मौके पर चंदन कुमार सचिन कुमार टिंकू कुमार आयुष कुमार पिंकू सत्यपाल बेचन सूरज सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।

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