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भाजपा विधायक प्रेम सागर पटेल से आय से अधिक संपत्ति मामले में मांगा जवाब
उप लोक आयुक्त ने 25 नवंबर तक साक्ष्यों और शपथ पत्र के साथ तथ्यात्मक आख्या दाखिल करने का दिया निर्देश
लखनऊ/महराजगंज। महराजगंज जिले की सिसवा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रेम सागर पटेल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और चुनावी हलफनामे में कथित तौर पर तथ्य छिपाने के आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश उप लोक आयुक्त कार्यालय ने जवाब तलब किया है। कार्यालय की ओर से जारी पत्र में विधायक को 25 नवंबर 2026 तक संबंधित अभिलेखों और शपथ पत्र के साथ अपना तथ्यात्मक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
यह कार्रवाई कुशीनगर निवासी मुकेश की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की जा रही है। शिकायत संख्या 106/2024 में विधायक के विरुद्ध विभिन्न वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। उप लोक आयुक्त कार्यालय की सचिव डॉ. रीमा बंसल की ओर से जारी पत्र में निर्धारित समयसीमा के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा गया है।
चुनावी हलफनामे में संपत्ति छिपाने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान दाखिल नामांकन पत्रों और हलफनामों में विधायक ने अपनी तथा परिवार की वास्तविक आय और संपत्ति का पूरा विवरण नहीं दिया। शिकायत में वर्ष 2016 से 2022 के बीच विधायक, उनकी पत्नी, पुत्र और बहू के नाम पर करोड़ों रुपये की जमीन और आवासीय भूखंड खरीदे जाने का दावा भी किया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इन संपत्तियों का पूरा विवरण चुनावी हलफनामों में दर्ज नहीं किया गया।
सरकारी ठेकों में परिवार को लाभ पहुंचाने का दावा
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि लोक निर्माण विभाग के महराजगंज स्थित प्रांतीय खंड में विधायक ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने पुत्र से जुड़ी फर्मों और पत्नी के नाम पर संचालित कंपनी को सरकारी ठेके दिलवाए। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में संबंधित फर्मों और ठेकों की जांच कराने की मांग की है।
इसके अलावा, शिकायत में ‘सरदार पटेल रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन ट्रस्ट’ के गठन और उसके बैंक खातों के जरिए कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि ट्रस्ट के माध्यम से जुटाई गई धनराशि और संपत्तियों के लेन-देन की जांच की जानी चाहिए।
स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच की मांग
शिकायतकर्ता मुकेश ने लोक आयुक्त से मामले की जांच सतर्कता विभाग या आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है। शिकायत में संपत्तियों के बैनामों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।
उप लोक आयुक्त कार्यालय की ओर से विधायक से जवाब मांगा जाना मामले की प्रक्रिया का हिस्सा है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विधायक का पक्ष सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।


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