मलिहाबाद में अवैध खनन का आरोप, दिनदहाड़े पोकलैंड और डंपरों से हो रही खुदाई!

..........बेता नाले के किनारे किसानों की जमीन पर कटान का खतरा, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल; तहसीलदार से कार्रवाई की मांग

हर्षिता यादव  Picture
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मलिहाबाद, लखनऊ। राजधानी लखनऊ की तहसील मलिहाबाद के ग्राम फतेहनगर में कथित अवैध खनन का मामला सामने आया है। गांव में गाटा संख्या 304 और 262 के पास बेता नाले के किनारे बड़े पैमाने पर खुदाई किए जाने की शिकायत की गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि दिनदहाड़े कई पोकलैंड मशीनों और डंपरों की मदद से खनन किया जा रहा है, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है।
 
प्रार्थना पत्र के अनुसार, बेता नाले के बिल्कुल किनारे गहरी खुदाई किए जाने से आसपास स्थित किसानों के खेतों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पूर्व में भी इन गाटों में काफी गहराई तक खनन किया जा चुका है। अब दोबारा खुदाई होने से स्थिति गंभीर होती जा रही है और भविष्य में नाले के पानी के बहाव के कारण खेतों की मिट्टी कटकर नाले में समा सकती है।
 
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
 
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई पोकलैंड मशीनों और डंपरों के जरिए खनन किया जा रहा है। इसके बावजूद खनन पर रोक लगाने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता ने क्षेत्रीय लेखपाल पर भी खनन करने वालों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
 
किसानों की आजीविका पर मंडराया खतरा
 
शिकायतकर्ता के मुताबिक, संबंधित खेतों में हरी-भरी फसल खड़ी है और किसान अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। यदि बेता नाले के किनारे इसी तरह गहरी खुदाई जारी रहती है, तो बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव से खेतों का कटान हो सकता है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
 
तहसीलदार से जांच और कार्रवाई की मांग
 
ग्राम पंचायत फतेहनगर के प्रधान धर्मेंद्र यादव के लेटरहेड पर 27 अक्टूबर 2026 को तहसीलदार मलिहाबाद को प्रार्थना पत्र दिया गया है। इसमें मौके पर जांच कराकर कथित अवैध खनन को रुकवाने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
 
अब सवाल यह है कि बेता नाले के किनारे हो रही कथित खुदाई की जांच कब होगी? क्या संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर खनन की स्थिति और उसकी वैधता की जांच करेगा? किसानों की जमीन और फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए प्रशासन की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजरें टिकी हैं।

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