जल जीवन मिशन की क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की 5 दिन में आख्या, शीघ्र शुरू होगी मरम्मत- जिलाधिकारी
पेयजल आपूर्ति में बाधा पर डीएम सख्त, दिये संबंधित विभागों को संयुक्त स्थलीय निरीक्षण के निर्देश
राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र /उत्तर प्रदेश-
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने आज जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति, सोनभद्र ने जल जीवन मिशन ‘हर घर जल’ के अंतर्गत क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों के कारण प्रभावित पेयजल आपूर्ति को शीघ्र बहाल कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट एवं प्रभावी निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आज संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ प्रकरण की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारियों के साथ तत्काल समन्वय स्थापित कर क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर जाकर पाइपलाइनों की क्षति का वास्तविक सत्यापन करने तथा आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्स्थापना कार्य का आकलन करने के निर्देश दिए।
अधिशासी अभियंता राजेश कुमार गुप्ता ने अवगत कराया कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन ‘हर घर जल’ के अंतर्गत जनपद में निर्माणाधीन/निर्मित 12 ग्रामीण ग्राम समूह पाइप पेयजल योजनाओं के तहत बिछाई गई पाइपलाइनों को सड़क चौड़ीकरण, नाली निर्माण, विद्युतीकरण एवं अन्य निर्माण कार्यों के दौरान कुछ स्थानों पर क्षति पहुंची है, जिसके कारण कुछ क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, अधिशासी अभियंता, निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग कनहर, UPPCL, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (RED) तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थलीय सत्यापन कर पाइपलाइनों की क्षति का विवरण एवं आवश्यक मरम्मत कार्य का आकलन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि संयुक्त स्थलीय निरीक्षण के बाद 05 दिवस के भीतर स्पष्ट एवं तथ्यात्मक आख्या प्रस्तुत की जाए, ताकि क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत/पुनर्स्थापना की कार्यवाही बिना अनावश्यक विलंब के प्रारंभ कराई जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण जनता को शुद्ध एवं सुचारु पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित है, वहां प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यवाही करते हुए पेयजल आपूर्ति शीघ्र बहाल की जाए।
उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने तथा भविष्य में सड़क चौड़ीकरण, नाली निर्माण, विद्युतीकरण अथवा अन्य कार्यों के दौरान पेयजल पाइपलाइनों को क्षति से बचाने के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


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