उन्नत प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से रासायनिक एवं पेट्रोकेमिकल उद्योगों में विकास की नई संभावनाएँ

एक दिवसीय तकनीकी सेमिनार

हर्षिता यादव  Picture
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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में 19 सितम्बर 2026 द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ एवं एच.बी.टी.यू. कानपुर के पूर्व छात्र संघ (Alumni Association HBTU Kanpur) के संयुक्त तत्वावधान में 19 सितम्बर, 2026 को इंजीनियर्स भवन, रिवर बैंक कॉलोनी, लखनऊ में “रासायनिक प्रक्रियाओं एवं पेट्रोकेमिकल उद्योगों में उन्नत प्रौद्योगिकी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय तकनीकी सेमिनार का आयोजन किया गया।
 
कार्यक्रम का शुभारंभ सेमिनार के संयोजक इंजी० डी.के. श्रीवास्तव द्वारा किया गया। उन्होंने अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का परिचय प्रस्तुत करते हुए स्वागत किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा और विषय-वस्तु से अवगत कराया। कार्यक्रम के सफल आयोजन, समन्वय एवं संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने पूरे सेमिनार का कुशलतापूर्वक मंच संचालन भी किया। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य रासायनिक प्रक्रियाओं एवं पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उन्नत एवं नवीन प्रौद्योगिकियों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते उपयोग पर तकनीकी चर्चा एवं ज्ञान-विनिमय करना था।
 
इसके अतिरिक्त, औद्योगिक स्वचालन, डिजिटल तकनीकों, उन्नत प्रसंस्करण एवं निष्कर्षण तकनीकों तथा सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में अभियंताओं, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में एच.बी.टी.यू. कानपुर के प्रो-कुलपति प्रो० दीपक परमार, डीन प्रो० जी.एल. देवनानी, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता अवधेश कुमार तथा ग्रीन गैस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक इंजी० आर.के. यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही।
 
उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने सेमिनार के विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के वर्तमान दौर में अभियंताओं एवं तकनीकी विशेषज्ञों के लिए नई तकनीकों के साथ स्वयं को अद्यतन रखना आवश्यक है। साथ ही, तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार के माध्यम से देश के औद्योगिक विकास में योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र के अध्यक्ष इंजी० वी.पी. सिंह तथा एच.बी.टी.यू. एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष इंजी० सुशील कुमार ने भी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया।
 
सेमिनार में दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने-अपने शोधपत्र एवं तकनीकी प्रस्तुतियाँ प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कीं। प्रमुख वक्ताओं में एच.बी.टी.यू. के प्रो० जी.एल. देवनानी, प्रो० अजय कुमार सिंह, सी.एस.आई.आर.-सीमैप के डॉ० सुदीप टंडन, कार्यक्रम संयोजक एवं इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के राज्य परिषद सदस्य इंजी० डी.के. श्रीवास्तव, चंद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के निदेशक डॉ० नरेश चंद्रा, जल निगम के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता अनिल गुप्ता तथा एच.बी.टी.यू. एलुमनाई एसोसिएशन के सचिव इंजी० प्रसून वर्मा शामिल रहे।
 
सभी विशेषज्ञों ने जोर दिया कि उन्नत प्रौद्योगिकियों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समुचित उपयोग रासायनिक एवं पेट्रोकेमिकल उद्योगों में उत्पादकता, गुणवत्ता, सुरक्षा, ऊर्जा दक्षता एवं सतत विकास को नई दिशा प्रदान कर सकता है। उन्होंने उद्योगों में डिजिटल परिवर्तन, स्वचालन एवं AI आधारित समाधानों को अपनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। अंत में, दोनों संस्थाओं की ओर से क्रमशः एच.बी.टी.यू. एलुमनाई एसोसिएशन के सचिव इंजी० प्रसून वर्मा एवं द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र के मानद सचिव इंजी० एन. के. निषाद ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ सेमिनार का समापन हुआ।

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