बारिश में जलमग्न हो जाती हैं सड़कें, जलनिकासी व्यवस्था की खुलती है पोल

सेक्टर-क्यू अलीगंज में बरसात के दिनों में सड़क पर भरता है पानी, राहगीरों और स्थानीय लोगों की बढ़ती परेशानी

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स्वतंत्र प्रभात संवाददाता

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित सेक्टर-क्यू में बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। बारिश होते ही क्षेत्र की कई सड़कों पर पानी जमा हो जाता है और कुछ स्थानों पर सड़कें जलमग्न नजर आती हैं। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी काफी देर तक सड़कों पर जमा रहता है, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र में बारिश के दौरान जलभराव कोई नई समस्या नहीं है। हल्की बारिश में भी सड़क के निचले हिस्सों में पानी जमा होना शुरू हो जाता है, जबकि तेज बारिश होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है। पानी सड़क पर फैल जाने से राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।

जलभराव से आवागमन प्रभावित

सड़कों पर पानी जमा होने के कारण पैदल चलने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बार लोगों को सड़क के किनारे जमा पानी से होकर गुजरना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों को भी पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।WhatsApp Image 2026-09-01 at 5.17.40 PM (1)

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बारिश के दौरान स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार जलभराव के कारण लोगों को अपने घरों से निकलने के लिए पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता है।

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नालियों की सफाई पर उठ रहे सवाल

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में नालियों और जलनिकासी की नियमित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल पाता। जगह-जगह जमा गंदगी और कचरे के कारण नालियां अवरुद्ध होने की शिकायत भी सामने आती रही है। लोगों का आरोप है कि बारिश से पहले यदि नालियों की पर्याप्त सफाई और जलनिकासी व्यवस्था की जांच कर ली जाए तो समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहने से सड़क की स्थिति भी खराब होने की आशंका बनी रहती है। पानी के लगातार जमाव से सड़क की ऊपरी परत प्रभावित होती है और गड्ढे बनने लगते हैं। इससे आने वाले समय में सड़क मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च का दबाव भी बढ़ सकता है।

बीमारी फैलने का भी खतरा

जलभराव केवल यातायात की समस्या नहीं है, बल्कि इससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ जाते हैं। कई दिनों तक पानी जमा रहने पर मच्छरों के पनपने की आशंका रहती है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बरसात के मौसम में जलभराव वाले स्थानों पर नियमित रूप से साफ-सफाई और मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराया जाना चाहिए।

स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सेक्टर-क्यू की जलनिकासी व्यवस्था का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि केवल बारिश के दौरान पानी निकालने की व्यवस्था करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। क्षेत्र की नालियों, नालों और जलनिकासी मार्गों की तकनीकी जांच कराकर जहां जरूरत हो वहां उनकी क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए।

लोगों ने मांग की है कि बारिश शुरू होने से पहले नालियों की नियमित सफाई, जलनिकासी मार्गों की निगरानी और जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर स्थायी समाधान की योजना बनाई जाए। यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए तो बरसात के दिनों में होने वाली परेशानी से स्थानीय निवासियों को राहत मिल सकती है।

सेक्टर-क्यू के निवासियों की उम्मीद है कि नगर निगम और संबंधित विभाग समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके का निरीक्षण करेंगे और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराएंगे, ताकि राजधानी के इस प्रमुख आवासीय क्षेत्र में बारिश के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी न उठानी पड़े।

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