बांधवगढ़ से भटककर ड्रमंडगंज के जंगल पहुंचे हाथी, गांवों में दहशत का माहौल; वन विभाग की टीम अलर्ट, ग्रामीणों को जंगल से दूर रहने की चेतावनी

प्रवीण तिवारी Picture
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लालगंज मीरजापुर। 

संवाददाता बाल योगी उर्फ सत्यम त्रिपाठी

मिर्जापुर। मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से भटककर एक नर और एक मादा हाथी के मिर्जापुर जिले के ड्रमंडगंज वन क्षेत्र में पहुंचने की सूचना से आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया है। हाथियों की मौजूदगी की खबर मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई और लगातार जीपीएस ट्रैकिंग के माध्यम से उनकी लोकेशन पर नजर रखी जा रही है।

 

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ग्रामीणों की सूचना पर ड्रमंडगंज वन क्षेत्र के अधिकारियों और वनरक्षकों ने मौके पर पहुंचकर हाथियों की तलाश शुरू की। बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश के हनुमना वन क्षेत्र की टीम भी हाथियों के गले में लगे कॉलर आईडी और जीपीएस ट्रैकिंग की मदद से उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

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गंगहर जंगल से महुआड़ी पहाड़ तक पहुंची हाथियों की जोड़ी
रविवार सुबह हाथियों की जोड़ी गंगहर जंगल से होते हुए महुआड़ी पहाड़ी के ऊपर स्थित घने जंगल क्षेत्र में पहुंच गई। वनकर्मी लगातार उनकी लोकेशन ट्रेस कर रहे हैं। इसके बाद शाम करीब पांच बजे दोनों हाथियों की लोकेशन बरम बाबा मंदिर के सामने स्थित जंगल क्षेत्र में मिलने की सूचना सामने आई। हालांकि वन विभाग की टीम ने जंगल के कई स्थानों पर तलाश की, लेकिन देर शाम तक हाथी प्रत्यक्ष रूप से दिखाई नहीं दिए।

 

वनरक्षक अनादी नाथ तिवारी के अनुसार मादा हाथी गर्भवती है, जिसके चलते विभाग की चिंता और बढ़ गई है। ऐसे में हाथियों को किसी प्रकार से परेशान करना या उनके करीब जाने की कोशिश करना गंभीर खतरे को जन्म दे सकता है। वन विभाग ने जंगल से सटे गांवों के लोगों को सतर्क करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति हाथियों के पीछे न जाए, मोबाइल से वीडियो बनाने के लिए भीड़ न लगाए और जंगल की ओर अनावश्यक आवाजाही से बचे।

 

जंगली हाथियों की आमद से गांवों में दहशत, प्रशासन की तैयारी पर भी उठे सवाल

ड्रमंडगंज क्षेत्र में जंगली हाथियों की दस्तक ने ग्रामीणों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि हाथियों का झुंड आबादी की ओर बढ़ता है तो ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए तत्काल और प्रभावी व्यवस्था क्या होगी? वन विभाग भले ही जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए हाथियों की निगरानी करने का दावा कर रहा हो, लेकिन जंगल से सटे गांवों के लोगों में दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और वन विभाग को केवल लोकेशन ट्रैक करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संभावित खतरे वाले गांवों में पहले से सुरक्षा व्यवस्था, सतर्कता टीम और लगातार सूचना तंत्र मजबूत करना चाहिए।

 

फिलहाल वन विभाग की टीम हाथियों की सुरक्षित निगरानी में जुटी हुई है और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, बच्चों और पशुओं को जंगल की ओर न जाने दें तथा हाथियों की मौजूदगी दिखने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें। ड्रमंडगंज के जंगल में हाथियों की यह दस्तक अब वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि जरा सी लापरवाही इंसान और वन्यजीव दोनों के लिए खतरा साबित हो सकती है।

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