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पर जलजमाव से ढहा मकान, कार्यदाई संस्था की लापरवाही पर उठे सवाल
मीरजापुर।
मीरजापुर। लालगंज के बरौधा चौकी क्षेत्र के परसिया बाइपास स्थित नेशनल हाईवे के किनारे जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से भारी जलजमाव ने स्थानीय लोगों के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। लगातार हो
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बरौंधा बाइपास पर जलजमाव से ढहा मकान, कार्यदाई संस्था की लापरवाही पर उठे सवाल
Read More माईलस्टोन एकेडमी में लगा नि:शुल्क दंत परीक्षण शिविर, बच्चों को मिले सेहतमंद दांतों के टिप्समीरजापुर। लालगंज के बरौंधा चौकी क्षेत्र के परसिया बाइपास स्थित नेशनल हाईवे के किनारे जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से भारी जलजमाव ने स्थानीय लोगों के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। लगातार हो रही बारिश के बाद हाईवे और धसड़ाराजा मार्ग के बीच तालाब जैसी स्थिति बन गई है। जलजमाव और जमीन में
आई जिलकन के कारण गुरुवार की शाम आनंद शंकर मिश्रा का पक्का मकान भरभराकर ढह गया। संयोग अच्छा रहा कि हादसे के समय कोई मकान के अंदर मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था। पीड़ित आनंद शंकर मिश्रा ने बताया कि मकान के मलबे में पलंग, कूलर, पंखा समेत गृहस्थी का अन्य कीमती सामान दब गया है। घटना के बाद भी जलजमाव जस का तस बना हुआ है, जिससे राहत कार्य में भी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फोरलेन
निर्माण के दौरान कार्यदाई संस्था ने परसिया बाइपास पर गुलाबचंद मिश्र के घर से लेकर श्याम बिहारी गुप्ता के मकान तक पानी निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की। परिणाम स्वरूप हाईवे की कई किलोमीटर लंबी नालियों का पानी इसी स्थान पर आकर जमा हो रहा है। इससे आसपास के मकानों की नींव में लगातार सीलन और जिलकन बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण कई अन्य
मकानों की नींव भी खतरे में है। साथ ही जमा पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। इसके बावजूद न तो प्रशासनिक अधिकारी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर नजर आ रहे हैं और न ही कार्यदाई संस्था कोई पहल कर रही है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने, प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
रही बारिश के बाद हाईवे और धसड़ाराजा मार्ग के बीच तालाब जैसी स्थिति बन गई है। जलजमाव और जमीन में आई जिलकन के कारण गुरुवार की शाम आनंद शंकर मिश्रा का पक्का मकान भरभराकर ढह गया। संयोग अच्छा रहा कि हादसे के समय कोई मकान के अंदर मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था। पीड़ित आनंद शंकर मिश्रा ने
बताया कि मकान के मलबे में पलंग, कूलर, पंखा समेत गृहस्थी का अन्य कीमती सामान दब गया है। घटना के बाद भी जलजमाव जस का तस बना हुआ है, जिससे राहत कार्य में भी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फोरलेन निर्माण के दौरान कार्यदाई संस्था ने परसिया बाइपास पर गुलाबचंद मिश्र के घर से लेकर श्याम बिहारी गुप्ता के मकान तक पानी निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की। परिणाम स्वरूप हाईवे की

कई किलोमीटर लंबी नालियों का पानी इसी स्थान पर आकर जमा हो रहा है। इससे आसपास के मकानों की नींव में लगातार सीलन और जिलकन बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण कई अन्य मकानों की नींव भी खतरे में है। साथ ही जमा पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। इसके बावजूद न तो प्रशासनिक अधिकारी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर नजर आ रहे हैं और न ही कार्यदाई संस्था कोई पहल कर रही है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने, प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


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