राज्य कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष किए जाने की मांग तेज

वहीं हजारों कर्मचारी लगातार सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे एक ओर कार्यरत कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ रहा है

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में 1 अगस्त जवाहर भवन इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडे की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में राज्य कर्मचारियों की सेवा निवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने की मांग पर विस्तार से चर्चा की गई। महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडे एवं कार्यकारी महामंत्री सुशील कुमार बच्चा ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया में हो रहे विलंब के कारण बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं।
 
वहीं हजारों कर्मचारी लगातार सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे एक ओर कार्यरत कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ रहा है और दूसरी ओर अनुभवी कार्मिकों की कमी के कारण विभागीय योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के संचालन में विलंब की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों की भांति राज्य कर्मचारियों की सेवा निवृत्ति आयु भी 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी जाए तो शासन को अनुभवी एवं दक्ष कर्मचारियों की सेवाएं अतिरिक्त दो वर्षों तक प्राप्त होती रहेंगी। इससे प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी, विभागों की कार्यकुशलता में वृद्धि होगी तथा रिक्त पदों के कारण उत्पन्न समस्याओं को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।
 
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा भी लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही है। वर्तमान परिस्थितियों में अनुभवी कर्मचारियों की आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार को इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर राज्य कर्मचारियों की सेवा निवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने की मांग की जाएगी। महासंघ ने आशा व्यक्त की कि कर्मचारी हित एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार इस मांग पर शीघ्र विचार करेगी। उमंग निगम, अकिल, सईद, बबलू, अमित शुक्ला, दिव्या रानी, अजय कुमार धनुक, सुजीत कुमार, अमन कुमार, धर्मेंद्र सिंह, शांति मिश्रा, मो0 रफीक, आशुतोष अवस्थी आदि शामिल रहे।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें