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आंधी-बारिश ने छीनी गरीब परिवार की बेटी, झोपड़ी ढहने से छात्रा की मौत
........मोहनलालगंज के गदियाना गांव में आधी रात हुआ हादसा, मलबे में दबने से 11वीं की 18 वर्षीय छात्रा रिंकी की मौत
मोहनलालगंज, लखनऊ। बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने मोहनलालगंज क्षेत्र के एक गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया। गदियाना गांव में कच्ची झोपड़ी भरभराकर गिरने से उसमें सो रही 18 वर्षीय 11वीं की छात्रा रिंकी की मलबे में दबकर मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

जानकारी के अनुसार गदियाना गांव निवासी गोकुल पुत्र स्व. शिवनाथ आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं और परिवार के साथ छप्परनुमा झोपड़ी में रहते हैं। बुधवार रात करीब 11:30 बजे तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई। तेज हवाओं का दबाव झोपड़ी नहीं झेल सकी और अचानक ढह गई। उस समय पूरा परिवार अंदर सो रहा था।
झोपड़ी गिरने की आवाज और परिवार की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला, लेकिन झोपड़ी का भारी हिस्सा रिंकी के ऊपर गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार ने लेखपाल और मोहनलालगंज पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए केजीएमयू की मोर्चरी भेज दिया। साथ ही राजस्व विभाग को भी घटना की जानकारी दी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि गोकुल का परिवार वर्षों से कच्ची झोपड़ी में रहने को मजबूर है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण यह हादसा हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने और प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा अन्य सरकारी योजना के तहत पक्का मकान उपलब्ध कराने की मांग की है।
मोहनलालगंज इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह ने बताया कि अत्यधिक वर्षा के दौरान गदियाना गांव में झोपड़ी गिरने से गोकुल की पुत्री रिंकी की मलबे में दबकर मृत्यु हो गई। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा राजस्व विभाग को भी अग्रिम कार्रवाई के लिए अवगत करा दिया गया है।


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