डिजिटल न्याय व्यवस्था के साथ नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना भी जरूरी : एस.एस. उपाध्याय

राजधानी लखनऊ स्वतंत्र प्रभात मीडिया से विशेष बातचीत में पूर्व जिला जज, राज्यपाल के पूर्व विधिक सलाहकार (एडवाइजर)

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्वतंत्र प्रभात मीडिया से विशेष बातचीत में पूर्व जिला जज, राज्यपाल के पूर्व विधिक सलाहकार (एडवाइजर) तथा वर्तमान में विश्वविद्यालय के लोकपाल एस.एस. उपाध्याय ने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना भी आवश्यक है।
 
उन्होंने कहा कि डिजिटल कोर्ट, ई-फाइलिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी आधुनिक तकनीकें नागरिकों, सरकार और न्यायपालिका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनके माध्यम से न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जा सकता है। उन्होंने साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है,
.
बल्कि इसके लिए जनजागरूकता अभियान चलाकर आम लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना होगा। साइबर अपराधों की रोकथाम तभी प्रभावी होगी जब इसे जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाए।
.
.उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में संविधान और न्यायिक व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक सुधार की आवश्यकता है। न्यायालयों में लंबित मुकदमों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इसके पीछे केवल संसाधनों की कमी नहीं
 
, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास, पारिवारिक विवाद, आपसी मतभेद और अनावश्यक मुकदमेबाजी भी प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि केवल नए कोर्ट, थाने और न्यायालय स्थापित कर देने से लंबित मुकदमों की समस्या समाप्त नहीं होगी।
 
.इसके लिए समाज में नैतिक मूल्यों, पारंपरिक सोच और आपसी संवाद की संस्कृति को पुनर्स्थापित करना होगा। उन्होंने त्वरित, सुलभ और तर्कसंगत न्याय के लिए पंचायत व्यवस्था की भावना को पुनर्जीवित करने पर भी बल दिया।.
 
युवाओं, अधिवक्ताओं और न्यायिक सेवाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सफलता के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम का गंभीर अध्ययन, नियमित अभ्यास और कानून की गहरी समझ आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की तैयारी करने का आह्वान किया।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें