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युवक पर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप
शिकायत के बाद जांच की मांग, आरोपों की सत्यता की होगी पुष्टि
करहल में अग्निवीर भर्ती को लेकर शिकायत: युवक पर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप, पुलिस से जांच की मांग
शिकायत के बाद जांच की मांग, आरोपों की सत्यता की होगी पुष्टि
खबर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)
मैनपुरी। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के करहल थाना क्षेत्र से अग्निवीर भर्ती को लेकर एक मामला सामने आया है। गांव नगला खुशाल निवासी एक युवक के खिलाफ कथित रूप से गलत दस्तावेजों के आधार पर अग्निवीर भर्ती में चयन हासिल करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की गई है। शिकायत मिलने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकेगी।
क्या हैं आरोप?
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगला खुशाल निवासी अंशुल यादव का वर्ष 2025 में अग्निवीर के पद पर चयन हुआ था। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि आयु सीमा पार होने के बाद युवक ने कथित तौर पर दूसरी जन्मतिथि के आधार पर हाईस्कूल का नया प्रमाणपत्र तैयार कराया और उसी दस्तावेज के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होकर चयन प्राप्त किया।
इन आरोपों की अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या पुलिस द्वारा पुष्टि नहीं की गई है। मामले की जांच जारी है।
थाने पहुंचकर की शिकायत
जानकारी के अनुसार, गांव की एक महिला को इस कथित मामले की जानकारी होने का दावा किया गया। इसके बाद महिला अपने पति और देवर के साथ करहल थाने पहुंची और युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की।
दस्तावेजों की होगी जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान दस्तावेजों में किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं, तो उसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं और दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करें और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही सामने आएगी। जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी या निर्दोष मानना उचित नहीं होगा। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जाएगी तथा जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुरूप कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


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