मतदेय स्थलों के पुनर्निर्धारण पर राजनीतिक दलों के साथ डीएम की बैठक, 6 जुलाई तक मांगे सुझाव व आपत्तियां।

1200 मतदाताओं के आधार पर होगा समायोजन।

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स्वतंत्र प्रभात ।
 
प्रयागराज। 
 
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की तैयारियों के तहत बुधवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में  मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदेय स्थलों के पुनर्निर्धारण, सम्भाजन तथा नए मतदेय स्थलों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
 
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) उपमा पाण्डेय ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप जनपद के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निर्धारण तथा आवश्यकता अनुसार नए मतदेय स्थलों की स्थापना का कार्य 28 जून 2026 तक संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा पूरा कर लिया गया है।
 
जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आयोग द्वारा निर्धारित समय-सारिणी एवं दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि मतदेय स्थलों का सम्भाजन प्रत्येक 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर किया जा रहा है, ताकि मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम, व्यवस्थित एवं पारदर्शी बन सके।
 
उन्होंने बताया कि मतदेय स्थलों की प्रारूप (आलेख्य) सूची का प्रकाशन 4 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इसके बाद राजनीतिक दलों सहित अन्य संबंधित पक्ष यदि किसी मतदेय स्थल के परिवर्तन, संशोधन अथवा अन्य किसी विषय पर सुझाव या आपत्ति देना चाहते हैं तो वे 6 जुलाई 2026 तक संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय, प्रयागराज में अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
 
जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे प्रकाशित होने वाली सूची का गंभीरता से परीक्षण करें और यदि किसी मतदेय स्थल के संबंध में कोई व्यावहारिक समस्या अथवा सुधार का सुझाव हो तो निर्धारित समय-सीमा के भीतर लिखित रूप में उपलब्ध कराएं, ताकि आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
 
 
 

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