डबल इंजन सरकार की योजनाओं से बदली पारा कला की तस्वीर

करीब पांच हजार की आबादी और आठ मजरों वाली इस ग्राम पंचायत ने बीते पांच वर्षों में विकास की नई इबारत लिखी है।

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महराजगंज/रायबरेली:   करीब पांच हजार की आबादी और आठ मजरों वाली इस ग्राम पंचायत ने बीते पांच वर्षों में विकास की नई इबारत लिखी है। ग्राम प्रधान गीता के नेतृत्व में गांव में सड़क, नाली, पेयजल, शिक्षा, स्वच्छता और जनकल्याण से जुड़े अनेक कार्य कराए गए हैं, जिनकी सराहना ग्रामीण खुलकर कर रहे हैं।
      आपको बता दें कि, ग्राम पंचायत पारा कला में पारा कला, पूरे सर्वजीत, दखिनहा, पूरे मन्नू, पूरे धौकल, कूटी, पूरे बजरंगी और पूरे अर्जुनहा सहित कुल आठ गांव शामिल हैं। यहां लगभग 1950 मतदाता निवास करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि, वर्तमान कार्यकाल में गांव के विकास को नई गति मिली है और अनेक वर्षों से लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया गया।
       प्रधान प्रतिनिधि हरिशंकर ने बातचीत के दौरान बताया कि, उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की "सबका साथ, सबका विकास" की भावना को आधार बनाकर कार्य किया है। उन्होंने कहा कि, ग्राम पंचायत में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के पात्र लोगों तक पहुंचाया गया है।
       उन्होंने बताया कि, बीते पांच वर्षों में ग्राम पंचायत में लगभग 500 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क, 500 मीटर खड़ंजा, 400 मीटर पक्की नालियों का निर्माण कराया गया। इसके साथ ही प्राथमिक विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प, पंचायत भवन की मरम्मत, अंत्येष्टि स्थल (शवदाह गृह) का निर्माण तथा कूड़ाघर का निर्माण भी कराया गया।
       प्रधान प्रतिनिधि ने बताया कि, जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत में पेयजल आपूर्ति के लिए पानी की टंकी का निर्माण कराया गया, जिससे ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। उन्होंने कहा कि, ग्राम पंचायत में निर्मित एमडीएम शेड (मिड-डे मील शेड) आज भी विकास का प्रतीक माना जाता है। इस भव्य परियोजना का उद्घाटन मंडलायुक्त रोशन जैकब एवं तत्कालीन जिलाधिकारी हर्षिता माथुर द्वारा किया गया था, जिसकी चर्चा आज भी ग्रामीण गर्व के साथ करते हैं।
      उन्होंने बताया कि, ग्राम पंचायत के लगभग 100 पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया गया। वहीं करीब 200 वृद्ध, विधवा एवं दिव्यांग लाभार्थियों को पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत लगभग 3000 मीटर कच्चे मार्गों एवं अन्य विकास कार्यों को पूरा कराया गया। इसके अतिरिक्त 400 व्यक्तिगत शौचालय तथा एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराकर स्वच्छता अभियान को मजबूती प्रदान की गई।
        हरिशंकर ने कहा, "उनका उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि गांव का समग्र विकास रहा है। सरकार की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, इसी सोच के साथ पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से कार्य किया गया है। आगे भी ग्राम पंचायत के सर्वांगीण विकास और जनता की सेवा के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।"
      ग्रामीणों का कहना है कि, विकास कार्यों के चलते पारा कला ग्राम पंचायत आज क्षेत्र की अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है। बेहतर सड़कें, सुदृढ़ जल निकासी व्यवस्था, शिक्षा संस्थानों का कायाकल्प, स्वच्छता अभियान और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने गांव की तस्वीर बदल दी है। यही कारण है कि, पारा कला आज महराजगंज विकास खंड की अग्रणी ग्राम पंचायतों में अपनी अलग पहचान बना चुकी है।

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