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जंगलराज से विकासराज तक : उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर और नई आर्थिक शक्ति बनने का सफर
उत्तर प्रदेश लंबे समय तक देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य के रूप में जाना जाता रहा, लेकिन अब उसकी पहचान तेजी से बदल रही है। आज उत्तर प्रदेश केवल आबादी के आधार पर नहीं,
उत्तर प्रदेश लंबे समय तक देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य के रूप में जाना जाता रहा, लेकिन अब उसकी पहचान तेजी से बदल रही है। आज उत्तर प्रदेश केवल आबादी के आधार पर नहीं, बल्कि विकास, निवेश, उद्योग, आधारभूत संरचना और आर्थिक प्रगति के कारण देश की अग्रणी शक्ति के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में जिस गति से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है, उसने प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान की है। कभी कानून-व्यवस्था और पिछड़ेपन की चर्चा के लिए सुर्खियों में रहने वाला उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर और निवेश परियोजनाओं के लिए जाना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में 570 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान प्रदेश के विकास मॉडल को रेखांकित करते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि धरातल पर उतरती हैं और जनता तक उनका लाभ पहुंचता है। उन्होंने कहा कि उन्नाव को स्टेट कैपिटल रीजन का हिस्सा बनाया गया है और लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल चलाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल परिवहन को गति देगी, बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
प्रदेश में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क को उत्तर प्रदेश की प्रगति का सबसे बड़ा प्रतीक माना जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने का कार्य कर रही हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नाव के लोग अब लखनऊ को बाईपास करते हुए सीधे दिल्ली और प्रयागराज तक पहुंच सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए डिफेंस कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्नाव में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए लगभग 700 एकड़ भूमि तथा औद्योगिक क्लस्टर के लिए 200 एकड़ भूमि तैयार की गई है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि उद्योगों के विस्तार से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय बदलाव देखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह कहते रहे हैं कि निवेश और विकास के लिए सुरक्षित वातावरण आवश्यक है। यही कारण है कि प्रदेश में अपराध और माफिया गतिविधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई। इसका परिणाम यह हुआ कि देश और विदेश के निवेशकों का विश्वास प्रदेश में बढ़ा है। निवेशकों की बढ़ती रुचि के कारण उत्तर प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो भविष्य में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का आधार बनेंगे।
प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास और किसानों के उत्थान को भी समान महत्व दे रही है। कानपुर में आयोजित प्राकृतिक कृषि प्रोत्साहन कार्यशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। सरकार का मानना है कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होगी, भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को जीवामृत, बीजामृत तथा गो-आधारित प्राकृतिक खेती की जानकारी देकर उन्हें आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
किसानों के साथ-साथ गरीब और वंचित वर्गों के लिए भी अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, मुफ्त राशन वितरण और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं ने लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि अब योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव और सिफारिश के सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है। इससे शासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हुआ है।
आधारभूत संरचना के विकास में भी उत्तर प्रदेश ने नई उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में नए एयरपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं और कई हवाई अड्डों का विस्तार किया जा रहा है। अयोध्या, कुशीनगर और जेवर जैसे एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान कर रहे हैं। सड़क, रेल और हवाई परिवहन के क्षेत्र में हो रहे निवेश से प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की सड़कों की गुणवत्ता अब दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सड़कों की बराबरी कर रही है।
धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन भी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के बाद देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों के विकास ने पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश का विकास मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता संजय महाधिवक्ता ने कहा कि पिछली सरकारों के समय जहां नई योजनाओं की गति सीमित थी, वहीं वर्तमान सरकार ने विकास कार्यों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया है। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश आज जिस तेजी से आर्थिक प्रगति कर रहा है, उसने विपक्ष को भी राज्य की बदलती ताकत का एहसास करा दिया है। अरबों रुपये की लागत वाली परियोजनाएं प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जा रही हैं।
वास्तव में उत्तर प्रदेश का यह परिवर्तन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सड़कों, उद्योगों, निवेश, रोजगार, कृषि, पर्यटन और जनकल्याण योजनाओं के रूप में धरातल पर दिखाई देता है। राज्य सरकार का दावा है कि विकास की यह यात्रा आने वाले वर्षों में और अधिक गति पकड़ेगी। यदि वर्तमान योजनाएं निर्धारित समय पर पूरी होती हैं और निवेश परियोजनाएं सफलतापूर्वक जमीन पर उतरती हैं, तो उत्तर प्रदेश न केवल भारत की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा, बल्कि देश के विकास इंजन के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश की चर्चा केवल राजनीति के संदर्भ में नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और आर्थिक प्रगति के मॉडल के रूप में भी की जा रही है।
*कांतिलाल मांडोत*
कांतिलाल मांडोत
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