जर्मनी की राजनीति में बड़ा झटका

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सीट गंवाने पर बढ़ी सरकार की मुश्किलें

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और विश्व राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले जर्मनी को इस सप्ताह एक बड़ा कूटनीतिक झटका लगा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) की अस्थायी सदस्यता के चुनाव में जर्मनी को हार का सामना करना पड़ा, जिससे देश की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में हुए मतदान में जर्मनी आवश्यक समर्थन जुटाने में असफल रहा। पश्चिमी यूरोपीय समूह की सीटों के लिए हुए चुनाव में ऑस्ट्रिया और पुर्तगाल को सफलता मिली, जबकि जर्मनी पहली बार इस तरह की महत्वपूर्ण हार का सामना कर रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के वर्षों में जर्मनी की विदेश नीति, विशेषकर यूक्रेन युद्ध, इज़राइल समर्थन और विदेशी सहायता बजट में कटौती जैसे मुद्दों ने कई देशों को उससे दूर कर दिया। यही कारण रहा कि एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के अनेक देशों का अपेक्षित समर्थन जर्मनी को नहीं मिल सका।

जर्मनी के विदेश मंत्री और सरकारी अधिकारियों ने इस परिणाम पर निराशा व्यक्त की है। सरकार का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी सक्रिय भूमिका जारी रखेगी और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में योगदान देती रहेगी। हालांकि विपक्षी दलों ने इसे सरकार की कूटनीतिक विफलता करार दिया है और विदेश नीति की समीक्षा की मांग की है।

सोनिया गांधी और एनएसी को लेकर ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी से सियासी विवाद Read More सोनिया गांधी और एनएसी को लेकर ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी से सियासी विवाद

इस हार के बाद जर्मनी में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप और वैश्विक दक्षिण (Global South) के देशों के बीच संतुलन बनाने में जर्मनी अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाया। इसके चलते उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि को झटका लगा है।

ममता बनर्जी का दावा- भाजपा की ज्यादतियों से जल्द सत्ता में लौटेगी तृणमूल Read More ममता बनर्जी का दावा- भाजपा की ज्यादतियों से जल्द सत्ता में लौटेगी तृणमूल

विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना केवल एक चुनावी हार नहीं बल्कि बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन का संकेत भी है। आने वाले समय में जर्मनी को अपनी विदेश नीति, विकास सहयोग कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को और मजबूत करना होगा ताकि वह विश्व मंच पर अपनी प्रभावशाली भूमिका बनाए रख सके।

बांध रोड पर: बेकाबू स्विफ्ट ने 3 मासूमों समेत 4 को रौंदा, दो की मौत Read More बांध रोड पर: बेकाबू स्विफ्ट ने 3 मासूमों समेत 4 को रौंदा, दो की मौत

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें

नवीनतम समाचार