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वाराणसी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला एवं प्रदर्शनी में लोक कला के संरक्षण हेतु सम्मान समारोह का हुआ आयोजन
कला एवं संस्कृति का संरक्षण ही विकास का परिचायक है : प्राचार्य
बरही, हजारीबाग, झारखंड:- वाराणसी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला एवं प्रदर्शनी में लोक कला के संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ललन यादव एवं दसवीं की छात्रा तनु कुमारी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों, शिक्षाविदों एवं कला प्रेमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा, अध्यक्ष, ललित कला विभाग उत्तर प्रदेश, डॉ उत्तमा दीक्षित डीन महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी ने दोनों प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि लोक कला हमारी सांस्कृतिक धरोहर है तथा इसके संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार ने भी हर्ष व्यक्त किया। विद्यालय स्तर पर डी.ए.वी. विद्यालय, बरही के प्राचार्य पुष्प कुमार झा ने ललन यादव एवं तनु कुमारी को सम्मानित करते हुए उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की तथा अन्य विद्यार्थियों को भी अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रेरित किया। इस सम्मान से विद्यालय एवं बरही क्षेत्र में खुशी का माहौल है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दोनों प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके प्रयासों को लोक कला के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
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