2027 में बस्ती में होगी बागेश्वर धाम सरकार की दिव्य कथा, पैदल संकल्प यात्रा हुई सफल - गोविंद दास

गोविंद दास ने कहा कि उनकी यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में बिखरे सनातन समाज को एक सूत्र में पिरोना, गौमाता के संरक्षण का संदेश देना और राष्ट्रहित के कार्यों के लिए जनजागरण करना था।

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बस्ती। बस्ती जिले के पैदल धाम के संस्थापक गोविंद दास ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि गुरु वशिष्ठ की धरती बस्ती में वर्ष 2027 में परमपूज्य बागेश्वर धाम सरकार की भव्य एवं दिव्य कथा का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि इस संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने बस्ती से बागेश्वर धाम तक 36 दिनों में लगभग 600 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की, जिसका उद्देश्य बस्ती में सनातन का महाकुंभ आयोजित कर समाज को एकजुट करना था।
 
गोविंद दास ने कहा कि उनकी यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में बिखरे सनातन समाज को एक सूत्र में पिरोना, गौमाता के संरक्षण का संदेश देना और राष्ट्रहित के कार्यों के लिए जनजागरण करना था। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम सरकार तक अपनी भावनाएं और संकल्प पहुंचाया।
प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि बागेश्वर धाम पहुंचने पर उनकी मुलाकात परमपूज्य महाराज जी से हुई, जहां उन्होंने बस्ती में कथा आयोजन का प्रस्ताव रखा। गोविंद दास के अनुसार, महाराज जी ने उनकी पूरी बात गंभीरता से सुनी और आश्वासन ही नहीं बल्कि वचन दिया कि वर्ष 2027 में मार्च-अप्रैल के दौरान बस्ती में कथा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए परमपूज्य राजू दास महाराज का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनकी बात को महाराज जी के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा।
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान कई कठिनाइयों और व्यवधानों का सामना करना पड़ा। कुछ असामाजिक तत्वों ने यात्रा में बाधा डालने का प्रयास किया और इसी दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते उन्हें अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने भगवान श्रीराम का स्मरण करते हुए अपना संकल्प नहीं छोड़ा और यात्रा को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
गोविंद दास ने बस्ती जनपद के सभी सनातन धर्मावलंबियों से आह्वान किया कि वे वर्ष 2027 में प्रस्तावित कथा आयोजन के लिए अभी से तन, मन और धन से तैयार हो जाएं। उन्होंने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए शीघ्र ही एक समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें समाज के बुद्धिजीवी एवं प्रबुद्ध लोगों को शामिल कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। समय-समय पर प्रेस वार्ता के माध्यम से आयोजन की तैयारियों और रूपरेखा की जानकारी साझा की जाएगी।
अंत में उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम और ऋषि-मुनियों ने अपने तप एवं संकल्प के मार्ग में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, उसी प्रकार वे भी भगवान का नाम लेकर आगे बढ़ते रहेंगे और अपने संकल्प को पूर्ण करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
 
 

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