सोशल मीडिया की बढ़ती दखल से रिश्तों में दरार, टूटती शादियों की नई वजह बन रहा डिजिटल संसार

पहले दहेज, पारिवारिक विवाद और आर्थिक समस्याएं थीं प्रमुख कारण, अब सोशल मीडिया से बढ़ रहा अविश्वास

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स्वतंत्र प्रभात स्पेशल रिपोर्ट
जितेंद्र कुमार "राजेश"

बिहार। तकनीक के इस दौर में सोशल मीडिया लोगों को जोड़ने का एक बड़ा माध्यम बन गया है, लेकिन इसका दूसरा पहलू पारिवारिक और वैवाहिक रिश्तों पर भी दिखाई देने लगा है। पहले जहां शादियां टूटने के पीछे दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, आर्थिक तंगी, पारिवारिक हस्तक्षेप और आपसी मतभेद प्रमुख कारण माने जाते थे, वहीं अब सोशल मीडिया भी वैवाहिक विवादों की एक बड़ी वजह बनता जा रहा है।

पारिवारिक परामर्श केंद्रों और वैवाहिक मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच सोशल मीडिया को लेकर बढ़ता संदेह, ऑनलाइन मित्रता, पुराने संबंधों से दोबारा संपर्क, निजी जीवन को सार्वजनिक करना तथा घंटों मोबाइल और सोशल मीडिया पर व्यस्त रहना रिश्तों में तनाव पैदा कर रहा है। कई मामलों में यह तनाव इतना बढ़ जाता है कि बात अलगाव और तलाक तक पहुंच जाती है।

हाल के वर्षों में भारत के विभिन्न राज्यों और जिलों में ऐसे अनेक मामले सामने आए हैं, जहां सोशल मीडिया पर हुई बातचीत, पोस्ट, लाइक, कमेंट, फोटो शेयरिंग या ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद उत्पन्न हुआ। परिवार परामर्श केंद्रों में भी ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जहां सोशल मीडिया से जुड़ी गलतफहमियां वैवाहिक जीवन को प्रभावित कर रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया स्वयं समस्या नहीं है, बल्कि उसका अनियंत्रित उपयोग और उससे पैदा होने वाला अविश्वास रिश्तों को कमजोर करता है। कई बार लोग वास्तविक जीवन की अपेक्षा आभासी दुनिया में अधिक समय बिताने लगते हैं, जिससे पति-पत्नी के बीच संवाद कम होने लगता है और गलतफहमियां बढ़ने लगती हैं।

समाजशास्त्रियों के अनुसार, मजबूत वैवाहिक रिश्तों के लिए आपसी विश्वास, खुला संवाद और डिजिटल संतुलन बेहद आवश्यक है। यदि सोशल मीडिया का उपयोग संयम और समझदारी के साथ नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह पारिवारिक और वैवाहिक संबंधों के लिए और बड़ी चुनौती बन सकता है।


 स्वतंत्र प्रभात की सलाह

✔ सोशल मीडिया के उपयोग की समय सीमा तय करें।

✔ पति-पत्नी एक-दूसरे से बातें छिपाने के बजाय खुलकर संवाद करें।

✔ ऑनलाइन मित्रता और चैटिंग में पारदर्शिता बनाए रखें।

✔ किसी पोस्ट, लाइक या कमेंट को लेकर तुरंत निष्कर्ष पर न पहुंचें।

✔ रिश्तों को मोबाइल स्क्रीन से ज्यादा समय दें।

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