छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन
किसी को ओ टी पी, अकाउंट नम्बर आदि सांझा नहीं करें, इससे आप ठगी के शिकार ही सकते है
बेतिया। मारवाड़ी महिला समिति, बेतिया के द्वारा आकाश इंस्टीट्यूट बेतिया में आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। बेतिया मारवाड़ी महिला समिति की सदस्या मीना तोदी ने बताया कि वर्तमान समय में छात्र-छात्राओं को आत्मसुरक्षा (सेल्फ डिफेंस) की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, इसलिए आज आकाश इंस्टीट्यूट बेतिया में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
जिसमें रिसोर्स पर्सन शिक्षिका -सह- समाजसेवी सुश्री मेरी आडलीन और सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक गोविंद प्रसाद ने छात्र-छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर बताएं। मेरी आडलीन ने छात्र- छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मरक्षा की जानकारी या प्रशिक्षण जीवन रक्षक कौशल है, जो न सिर्फ महिलाओं और बालिकाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाता है, बल्कि बालकों को भी सुरक्षित और सशक्त बनाता है। इसके लिए जुडो कराटे, मार्शल आर्ट, रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा जैसे कि कई प्रकार के प्रशिक्षण होते है। लेकिन अगर किसी को इन सबकी जानकारी नहीं हो तब भी वह अपना सेल्फ डिफेंस कैसे करें, इसके लिए तीन महत्वपूर्ण बातें याद रखनी चाहिए-
1.जागरूक बनें 2. स्वयं में पूर्ण आत्मविश्वास रखे, बोल्ड बने 3. सुरक्षा और कानून की थोड़ी-बहुत जानकारी रखें।आत्मरक्षा की विस्तृत जानकारी देती हुई सुश्री आडलीन ने बताया कि ट्रेन, बस, कैब या किसी गाड़ी से अकेले सफर करते, समय क्या- क्या सावधानी बरतनी चाहिए। छेड़छाड़, बलात्कार से बचाव के लिए क्या कदम उठाएं। सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए सावधानी बरतें, सोशल मीडिया पर कभी भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी सांझा न करें और न ही किसी अजनबी के बहकावें में आकर अपनी प्राइवेट बातें, अर्धनग्न फ़ोटो आदि शेयर करें। इससे ब्लैकमेल होने का पूरा खतरा बना रहता है। छेड़छाड़, बलात्कार जैसी दुर्घटना पर चुप बिल्कुल नहीं रहें, आवाज उठाये और सामने वाले अपराधी को सजा दिलवाने के लिए पहल करें। आवश्यकता पड़ने पर महिला हेल्पलाइन 1090 और पुलिस आपातकालीन सेवा 112 नम्बरपर सम्पर्क करें।
वही रिसोर्स पर्सन गोविंद प्रसाद ने आत्मरक्षा की बुनियादी तकनीकों और शुरुआती अभ्यास के बारे में बताया। उन्होंने साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट क्या है, इसके बारे में बताते हुए कहा कि आजकल सोशल मीडिया के माध्यम से बहुत ज्यादा साइबर क्राइम, डिजिटल ठगी हो रही है। इमोशनली ब्लैकमेल, डिजिटल अरेस्ट से ठगी बहुत ज्यादा हो रही है। ऐसे में कभी भी किसी अजनबी व्यक्ति, अनजान फोन कॉल के झांसे में न आये और किसी को ओ टी पी, अकाउंट नम्बर आदि सांझा नहीं करें, इससे आप ठगी के शिकार ही सकते है। अगर आपको सामने वाले व्यक्ति से असुरक्षा महसूस हो रही है, वह गलत तरीके से आपको छुता है तो आप विरोध करें और बोले डोंट टच मी, दूर रहें और अपनी बचाव के लिए जोर-जोर से चिल्लाए।
आकाश इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर दिव्यम कंदोई, संगीता तोदी ने कहा कि बच्चों ने सेल्फ डिफेंस की बहुत बेहतरीन जानकारी हासिल किया और बहुत सारे प्रश्नों, समस्याओं का समाधान जाना। कार्यशाला में सैकड़ों छात्र- छात्राओं सहित आकाश इंस्टीट्यूट के कॉर्डिनेटर साकेत कुमार सहित रश्मि बांका आदि शामिल हुए।


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