यूपी में कानून व्यवस्था पर भड़की भाकपा, योगी सरकार के खिलाफ फूटा गुस्सा
वकीलों, दलितों और मजदूर नेताओं पर हमले को लेकर मुख्यमंत्री योगी का पुतला दहन, कहा लोकतंत्र को कुचलने पर उतारू है सरकार
स्वतंत्र प्रभात | संवाददाता अतुल कुमार
बेतिया। पश्चिम चंपारण में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश में वकीलों, दलितों तथा मजदूर नेताओं पर हो रहे कथित हमलों और पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में जोरदार प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है तथा जनता की आवाज को दबाने के लिए पुलिसिया ताकत का दुरुपयोग हो रहा है। भाकपा नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पुलिस योगी सरकार में अराजक और हमलावर भूमिका निभा रही है। लोकतंत्र में वकील, डॉक्टर और शिक्षक जैसे पेशों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है, लेकिन लखनऊ में जिस तरह अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं, उसने पूरे लोकतांत्रिक ढांचे को शर्मसार कर दिया है। नेताओं ने कहा कि यदि न्याय की लड़ाई लड़ने वाले अधिवक्ताओं को ही प्रताड़ित किया जाएगा तो आम जनता का न्याय व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान भाकपा नेताओं ने मजदूरों और दलितों के साथ हो रही घटनाओं को भी गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मजदूर नेताओं पर लगातार हमले हो रहे हैं और गरीबों की आवाज को दबाया जा रहा है। वहीं एक दलित युवक को सरकारी नल से पानी पीने के आरोप में अपमानित किए जाने की घटना को मानवता पर कलंक बताते हुए नेताओं ने कहा कि ऐसी घटनाएं सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना को कमजोर करती हैं। भाकपा नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध संस्कृति, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन मौजूदा दौर में भय और दमन का वातावरण बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार के कार्यकाल में हैवानियत, सामाजिक उत्पीड़न और पुलिसिया दमन की कई घटनाएं लगातार उजागर हुई हैं, जिससे लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों पर गहरा खतरा पैदा हो गया है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि सरकार जनता की आवाज को दबाने का प्रयास करेगी तो जनआंदोलन और तेज होगा। मजदूरों, दलितों, किसानों और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान सरकार विरोधी नारे लगाए गए तथा दोषी पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। पुतला दहन कार्यक्रम में भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति, राधामोहन यादव, सुबोध मुखिया, संजय सिंह, अंजारूल, नसीम अधिवक्ता, आरती, कैलाश प्रसाद, लक्की सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश


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