विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत

अयोग्य घोषित करने के फैसले पर कोर्ट ने डब्ल्यूएफआई को फटकारा

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ब्यूरो प्रयागराज। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को फटकार लगाई। डब्ल्यूएफआई ने पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह फोगाट का मूल्यांकन करने के लिए एक विशेषज्ञ पैनल बनाए।

चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने केंद्र सरकार से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि फोगाट को आने वाले एशियन गेम्स के सिलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाजत दी जाए। विनेश मातृत्व अवकाश के बाद खेल में वापसी करना चाहती हैं। पीठ ने टिप्पणी की कि डब्ल्यूएफआई का शीर्ष खिलाड़ियों को भाग लेने की अनुमति देने की पूर्व प्रथा पर नहीं चलना ‘बहुत कुछ कहता है’।

पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि देश में मातृत्व का जश्न मनाया जाता है और संघ को ‘प्रतिशोध’ की भावना से कार्य नहीं करना चाहिए। अदालत ने केंद्र से फोगाट का मूल्यांकन करने के लिए एक विशेषज्ञ पैनल गठित करने को कहा। हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा, 'विशेषज्ञों से उसकी संभावनाओं का मूल्यांकन करने को कहें। यह सुनिश्चित करें कि वह भाग ले सके।'

इससे पहले 18 मई को हाई कोर्ट ने विनेश फोगाट को 30 और 31 मई को होने वाले एशियन गेम्स चयन ट्रायल में शामिल होने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। वहींडब्ल्यूएफआई ने हाल ही में विनेश को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया था। विनेश ने इस नोटिस को चुनौती दी थी जिस पर हाई कोर्ट में आज सुनवाई हुई।

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डब्ल्यूएफआई ने हाल ही में अनुशासनहीनता और डोपिंग विरोधी नियमों के उल्लंघन के आरोपों पर विनेश को नोटिस भेजा था।इतना ही नहीं विनेश जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित की गईं क्योंकि उन्होंने यूडब्ल्यूडब्ल्यू के डोपिंग रोधी नियम के तहत संन्यास से वापसी के बाद जरूरी छह महीने का नोटिस पीरियड नहीं दिया है।

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यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया था कि यदि विनेश दोबारा कुश्ती में वापसी करना चाहती हैंतो उन्हें आईटीए या इंटरनेशनल फेडरेशन को कम से कम छह महीने पहले सूचना देनी होगी और इस दौरान एंटी-डोपिंग टेस्टिंग के लिए उपलब्ध रहना होगा।

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15 पन्नों के नोटिस मेंडब्ल्यूएफआई ने आरोप लगाया था कि विनेश के आचरण ने राष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदा किया है जिससे भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा है। 

डब्ल्यूएफआई ने विशेष रूप से उल्लेख किया था कि विनेश इस वर्ष 26 जून तक किसी भी घरेलू प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पात्र नहीं हैंजिसमें गोंडा में 10 से 12 मई तक होने वाला राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट भी शामिल था।

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