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जमीन बिक्री के नाम पर लाखों रुपये लेने का आरोप, पीड़ित ने कार्रवाई की लगाई गुहार
बयाना के बाद भी नहीं हुई रजिस्ट्री, कई किश्तों में रुपये लेने का दस्तावेज सामने आया
मनोज कुमार मसौढ़ी पटना
मसौढ़ी :- जमीन बिक्री के नाम पर लाखों रुपये लेने और तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित पक्ष ने लिखित दस्तावेज एवं भुगतान की रसीदों के आधार पर न्याय की गुहार लगाई है। मामला अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुम्हरटोली निवासी रंजीत कुमार द्वारा भगवानगंज थाना क्षेत्र के सुखमलचक निवासी अनिल कुमार के साथ जमीन बिक्री को लेकर 27 अगस्त 2024 को एक वैयवयानानामा (एग्रीमेंट) किया गया था। दस्तावेज के अनुसार जमीन की कीमत 36 लाख रुपये प्रति कट्ठा तय की गई थी तथा बयाना के रूप में प्रारंभिक राशि ली गई थी।
बताया गया है कि एग्रीमेंट के समय पांच लाख रुपये अग्रिम के रूप में दिए गए थे तथा शेष राशि निर्धारित समय सीमा के अंदर भुगतान कर रजिस्ट्री कराने की बात तय हुई थी। दस्तावेज में रजिस्ट्री कराने के लिए पांच माह की समय सीमा निर्धारित की गई थी।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि एग्रीमेंट के बाद भी अलग-अलग तिथियों में कई किश्तों के माध्यम से लाखों रुपये नकद एवं बैंक खाते के जरिए लिए गए। प्रस्तुत दस्तावेजों में 50 हजार, 1 लाख, 1.35 लाख, 3 लाख, 94 हजार 500 रुपये समेत अन्य कई भुगतानों का उल्लेख किया गया है।
Read More बेतिया में जन सुराज का हमला 6 महीने में एनडीए सरकार का रोजगार और कानून व्यवस्था का वादा फेलआरोप है कि बड़ी राशि लेने के बावजूद जमीन की रजिस्ट्री अब तक नहीं की गई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब रजिस्ट्री की बात की जाती है तो टालमटोल किया जाता है। मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद गहराता जा रहा है।
दस्तावेज में यह भी उल्लेख है कि यदि तय समय सीमा के भीतर विक्रेता रजिस्ट्री नहीं करता है तो क्रेता सक्षम न्यायालय में कानूनी कार्रवाई कर सकता है तथा दी गई राशि ब्याज समेत वसूलने का अधिकार रखता है।
फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर पंचायत और कानूनी कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।


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