कृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनकर भक्ति में झूमे श्रद्धालु

भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी के विवाह प्रसंग पर कथा व्यास ने भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर होकर जमकर झूमे और नृत्य किया

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स्वतंत्र प्रभात  
 
 नैनी,प्रयागराज।
 
फलाहारी बाबा आश्रम अरैल घाट में परम पूज्य गुरुदेव भगवान श्री श्री 1008 श्री फलाहारी बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 श्री राम रतन दास जी महाराज के तत्वावधान में चल रहे श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ के छठवें दिन अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास पूज्य मिथिलेश दास जी महाराज ने द्वारिका निर्माण, मथुरा वासियों के द्वारिका स्थानांतरण, कालयवन वध तथा रुक्मिणी मंगल की कथा का अत्यंत सुंदर एवं भावपूर्ण वर्णन किया।
 
भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी के विवाह प्रसंग पर कथा व्यास ने भजनों की प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर होकर जमकर झूमे और नृत्य किया। कथा स्थल पर पूरे वातावरण में जय श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे।इस अवसर पर पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के अध्यक्ष एवं अलोपशंकरी मंदिर के पीठाधीश्वर परम पूज्य स्वामी यमुनापुरी जी महाराज का भी शुभागमन हुआ। फलाहारी बाबा आश्रम के उत्तराधिकारी पूज्य संत राजाराम दास जी महाराज एवं उनकी टीम ने पुष्पवर्षा एवं माल्यार्पण कर उनका भव्य स्वागत किया।कथा में पूज्य संत राजाराम दास जी महाराज, मुरारी लाल अग्रवाल, रमेश चंद्र नेगी, वासुदेव चौरसिया, कृपा शंकर दास सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर धर्म एवं भक्ति का लाभ प्राप्त किया।यह जानकारी मीडिया प्रभारी आर के शुक्ला  ने दी।
 
 
 

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