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जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम सख्त, लापरवाह चिकित्सकों पर कार्रवाई के निर्देश
आयुष्मान कार्ड की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, सात नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों के संविदा चिकित्सकों की सेवा समाप्त करने के निर्देश
फिरोजाबाद।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम बदन राम, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं सीएमएस सहित सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के एमओआईसी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों एवं निचले स्तर के कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। बैठक में जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के निर्देश
समीक्षा में बताया गया कि मई 2026 में जिला स्वास्थ्य सूचकांकों में जनपद को आठवीं रैंक, जबकि जून 2026 में 21वीं रैंक प्राप्त हुई थी। जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन वाले ब्लॉकों जसराना, अरांव, टूण्डला एवं शहरी क्षेत्र के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। अद्यतन स्थिति में जनपद फिरोजाबाद स्वास्थ्य सूचकांकों में 13वें स्थान पर पहुंच गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रदर्शन में लगातार सुधार बनाए रखने के निर्देश दिए।

जननी सुरक्षा योजना में 48 घंटे के भीतर भुगतान पर जोर
मातृ स्वास्थ्य एवं जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में होने वाले प्रसव का भुगतान 48 घंटे के भीतर शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए। बताया गया कि जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में फिरोजाबाद 87 प्रतिशत प्रगति के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। हालांकि जिला महिला चिकित्सालय में भुगतान की प्रगति 73.57 प्रतिशत पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित जेएसवाई ऑपरेटरों से स्पष्टीकरण मांगने तथा कार्य में सुधार न होने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई के निर्देश दिए।
आयुष्मान कार्ड में लापरवाही पर सात चिकित्सकों पर कार्रवाई
आयुष्मान भारत योजना एवं गोल्डन कार्ड की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में 10,39,554 लक्षित लाभार्थियों के सापेक्ष अब तक 7,27,789 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की प्रगति 75.3 प्रतिशत पाए जाने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। वहीं सात नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष्मान कार्ड बनाने में शून्य प्रगति मिलने पर संबंधित संविदा चिकित्सकों की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए। इनमें यूएचडब्ल्यूसी ओम नगर के डॉ. करन उपाध्याय, यूएचडब्ल्यूसी ककरऊ के डॉ. प्रिंस पाल धनगर, यूएचडब्ल्यूसी संत नगर की प्राची गुप्ता, यूएचडब्ल्यूसी यादव कॉलोनी की डॉ. पियूषा यादव, यूएचडब्ल्यूसी दतौजी खुर्द के रामेश्वर दयाल, यूएचडब्ल्यूसी एटा रोड टूण्डला की डॉ. श्रेया सिंह तथा यूएचडब्ल्यूसी अजमेरी गेट उर्दू नगर के डॉ. अभिषेक यादव शामिल हैं।
आभा आईडी और एचपीवी टीकाकरण में तेजी के निर्देश
आभा आईडी निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि जनपद की 16.55 लाख लक्षित आबादी में से अब तक 10.67 लाख आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। जिलाधिकारी ने शेष लाभार्थियों की आभा आईडी जल्द बनाने के निर्देश दिए। एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कम प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किए जा रहे टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही एचपीवी वैक्सीन को लेकर व्याप्त सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने के लिए विद्यालयों, अभिभावकों एवं स्थानीय समुदायों के साथ विशेष जागरूकता अभियान चलाने को कहा।
डेंगू को लेकर अधिकारियों को किया अलर्ट
जिलाधिकारी ने सभी सीएचसी एवं पीएचसी पर मरीजों को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संस्थागत प्रसव के समयबद्ध भुगतान, आयुष्मान कार्ड निर्माण एवं नियमित टीकाकरण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद डेंगू की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। इसलिए सभी जिम्मेदार अधिकारी अपने क्षेत्रों में कहीं भी जलभराव न होने दें और आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर दवाओं का छिड़काव कराते रहें। उन्होंने साफ-सफाई एवं मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।


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