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डीएम ने नागरिक सुरक्षा कोर के 85 आरक्षकों को वितरित किए पहचान पत्र
नागरिक सुरक्षा कोर की समीक्षा बैठक में डीएम ने स्वयंसेवकों से निःस्वार्थ सेवा और जन सुरक्षा के प्रति समर्पित रहने का किया आह्वान
फिरोजाबाद।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवकों एवं आरक्षकों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी मोहनलाल गुप्ता भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने नागरिक सुरक्षा कोर के 85 नागरिक आरक्षकों को उनके अधिकृत पहचान पत्र प्रदान किए। उन्होंने सभी आरक्षकों से निःस्वार्थ भाव से सेवा करने, जन सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नागरिक सुरक्षा कोर का विस्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 के संशोधन के बाद आपदा प्रबंधन को भी नागरिक सुरक्षा कोर के वैधानिक कार्यों में शामिल किया गया है।
ऐसे में आपदा एवं आकस्मिक परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा कोर की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।उन्होंने बताया कि नागरिक सुरक्षा कोर में सक्रिय भागीदारी के लिए 60 वर्ष तक की आयु वाले सदस्यों की भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही समाज के सभी वर्गों को संगठन से जोड़ने के उद्देश्य से महिलाओं एवं युवाओं को भी प्रभावी प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया जाएगा।

निःस्वार्थ सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
जिलाधिकारी ने नागरिक आरक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शांति काल में नागरिकों की सुरक्षा और समाज की निःस्वार्थ सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। नागरिक सुरक्षा कोर महज एक औपचारिक पद नहीं, बल्कि देशप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की जीवंत मिसाल है।उन्होंने कहा कि आपदा हो, मेला-त्योहार हो अथवा शांति एवं कानून व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियां, नागरिक सुरक्षा कोर की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रहती है।
सभी आरक्षक अपनी ऊर्जा और कर्तव्यनिष्ठा के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति की सुरक्षा में योगदान दें तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहें।जिलाधिकारी ने नागरिक आरक्षकों से अनुशासन बनाए रखने और अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवक प्रशासन और आमजन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं।
85 आरक्षकों ने लिया सेवा का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी 85 नागरिक आरक्षकों ने उत्साहपूर्वक क्षेत्र में सुरक्षा, अनुशासन एवं निःस्वार्थ सेवा की भावना बनाए रखने का संकल्प लिया। उन्होंने आपदा, सामाजिक आयोजनों एवं अन्य आवश्यक परिस्थितियों में प्रशासन का सहयोग करने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का भरोसा दिलाया।


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