भारत
पाकुड़िया बाजार में जगह-जगह पसरी गंदगी, स्वच्छता व्यवस्था पर उठे सवाल
सिदो-कान्हू चौक से पीडब्ल्यूडी मुख्य पथ तक कचरे का ढेर, तालाब और नालियां भी गंदगी से प्रभावित
पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड:- सामाजिक प्रगति में साफ-सफाई की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी उद्देश्य से सरकार नगर से लेकर गांवों तक बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाती है और इस पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, ताकि लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। हालांकि, इन दिनों पाकुड़िया बाजार में स्वच्छता अभियान का अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है।
बताया जाता है कि पाकुड़िया-पाकुड़ पीडब्ल्यूडी मुख्य सड़क से लेकर हाट प्रांगण, ग्रामीण बैंक से राम-सीता चौक तथा राम-सीता चौक से जिला परिषद और डाक बंगला तक सड़क के आसपास कई स्थानों पर कचरे का ढेर जमा है। इनमें प्लास्टिक, पॉलीथिन, विभिन्न प्रकार के गुटखा पैकेट तथा अन्य कचरा शामिल है। कई स्थानों पर बोरियों में भरी गंदगी भी पड़ी हुई है। वहीं, तालाबों में कचरा और पक्की नालियों में दूषित पानी जमा होने से स्थिति और गंभीर बनी हुई है।
इस संबंध में चर्चा के दौरान स्थानीय नागरिकों ने बताया कि अधिकांश लोग अपने घरों और आसपास की सफाई तो कर लेते हैं, लेकिन कचरे को निर्धारित स्थान पर जमा कर उसका उचित निपटारा नहीं करते। कई लोग प्लास्टिक और अन्य कचरे को बोरे में भरकर सड़क किनारे, तालाबों के आसपास तथा खाली स्थानों पर फेंक देते हैं। इससे धीरे-धीरे पूरे बाजार में गंदगी फैल रही है।पाकुड़िया बाजार के विभिन्न टोलों की सड़कों, खाली स्थानों और तालाबों के आसपास कचरा फेंके जाने से स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गंदगी के कारण वातावरण प्रदूषित होने के साथ-साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
गंदगी से बचाव के लिए पंचायतों में सरकार की ओर से डस्टबिन उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन वर्तमान में कई स्थानों पर डस्टबिन दिखाई नहीं देते। हालांकि, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर अपेक्षाकृत कम गंदगी देखने को मिलती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वच्छता की समस्या के समाधान में नागरिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। लोगों को कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालना चाहिए और सार्वजनिक स्थलों, तालाबों तथा नालियों में कचरा फेंकने से बचना चाहिए।
इसके साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नियमित निगरानी और आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सरकारी स्वच्छता अभियान अपने उद्देश्य में सफल हो सके।
#SwatantraPrabhat #PakuriaNews #पाकुड़ियासमाचार #PakurNews #पाकुड़समाचार #JharkhandNews #झारखंडसमाचार #SwachhataAbhiyan #स्वच्छताअभियान #CleanlinessDrive #सफाईव्यवस्था #GarbageProblem #कचरासमस्या #WasteManagement #कचरा प्रबंधन #PublicCleanliness #सार्वजनिकस्वच्छता #DrainageProblem #नालियोंकीसमस्या #WaterPollution #जलप्रदूषण #EnvironmentalIssues #पर्यावरणसमस्या #CivicIssues #नागरिकसमस्या


Comments