फर्जी पहचान पत्र बनाकर जमीन बेचने के आरोप में दंपती गिरफ्तार

इंद्रभान और कंचन देवी गिरफ्तार

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प्रयागराज। बहरिया थाना पुलिस ने फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर दूसरे की जमीन को अपने नाम से बेचने के आरोप में एक दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी एक पुराने मुकदमे में वांछित थे। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
 
पुलिस के मुताबिक थाना बहरिया में दर्ज मु0अ0सं0 009/2023, धारा 419, 420, 467, 468 व 471 भादवि से संबंधित आरोपी इंद्रभान हरिजन पुत्र नंदलाल हरिजन तथा उसकी पत्नी कंचन देवी को 14 अगस्त 2026 को उनके कपसा स्थित घर के सामने से गिरफ्तार किया गया। इंद्रभान की उम्र करीब 38 वर्ष तथा कंचन देवी की उम्र करीब 37 वर्ष बताई गई है।
 
राजकुमारी के नाम की जमीन हड़पने का आरोप
पुलिस के अनुसार इस मामले की शुरुआत 16 जनवरी 2023 को प्राप्त शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता राजकुमारी पत्नी स्वर्गीय टेढ़ूराम, निवासी ग्राम कपसा, थाना बहरिया ने आरोप लगाया था कि उनके नाम दर्ज आराजी संख्या 1075स, रकबा 0.3080 हेक्टेयर, मौजा कपसा की जमीन को फर्जी तरीके से चंदा देवी के नाम इकरारनामा करा दिया गया।
 
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि इकरारनामे में आधार कार्ड के स्थान पर वोटर आईडी का इस्तेमाल किया गया तथा RTGS के माध्यम से 1.50 लाख रुपये के हस्तांतरण को दर्शाते हुए कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। मामले में कंचन देवी, इंद्रभान, चंदा देवी और छोटेलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
 
खुद को राजकुमारी बताकर जमीन बेचने का आरोप
विवेचना के दौरान पुलिस के सामने मामला और गंभीर रूप में सामने आया। पुलिस के अनुसार कंचन देवी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता राजकुमारी का फर्जी निर्वाचन कार्ड तैयार कराया और खुद को राजकुमारी के रूप में प्रस्तुत करते हुए उक्त जमीन को चंदा देवी पत्नी छोटेलाल, निवासी सरायखंदुदमीर, थाना फूलपुर के पक्ष में बेच दिया।
 
जांच के दौरान निर्वाचन कार्यालय से राजकुमारी के नाम दर्ज वोटर कार्डों का ऑनलाइन सत्यापन कराया गया। पुलिस के अनुसार एक वोटर कार्ड नंबर रिकॉर्ड में प्रदर्शित नहीं हुआ, जबकि दूसरे कार्ड का विवरण राजकुमारी पत्नी टेढ़ूराम के नाम दर्ज मिला। इसके बाद सब-रजिस्ट्रार फूलपुर कार्यालय से इकरारनामा की प्रमाणित प्रति प्राप्त कर उसमें लगे फोटो का शिकायतकर्ता के फोटो से मिलान कराया गया। पुलिस के मुताबिक इकरारनामे में लगा फोटो शिकायतकर्ता राजकुमारी का नहीं बल्कि आरोपी कंचन देवी का पाया गया।
 
जांच में सामने आया कथित फर्जीवाड़ा
पुलिस का कहना है कि विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर विक्रेता, क्रेता और गवाहों द्वारा आपस में मिलकर कथित रूप से कूटरचित निर्वाचन कार्ड तैयार किया गया और उसी के आधार पर इकरारनामा तैयार कराया गया। इन तथ्यों की पुष्टि के बाद पुलिस ने इंद्रभान और कंचन देवी को नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया।

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