विकास की तस्वीर: निर्माण के छह माह में ही जर्जर हुआ NH-8

बांस लगाकर रोका गया मालवाहक ट्रक

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

श्रीभूमि : श्रीभूमि जिले के पाथारकांदी विधानसभा क्षेत्र के लोइरपोआ ब्लॉक अंतर्गत हाथीखिरा-चुराईबाड़ी NH-8 के लोइरपोआ इलाके में करीब चार किलोमीटर सड़क की बदहाल स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज छह महीने पहले मरम्मत किए गए सड़क के इस हिस्से पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि एक मालवाहक ट्रक को बांस लगाकर रोकना पड़ा।
 
स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब छह महीने पहले सड़क के लगभग चार किलोमीटर हिस्से की मरम्मत का कार्य जीबी कंस्ट्रक्शन को सौंपा गया था। लेकिन छह महीने पूरे होने से पहले ही सड़क फिर से जर्जर हो गई। लगातार बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भयावह हो गई है। वाहन चालकों को गड्ढों से होकर जोखिम उठाते हुए आवागमन करना पड़ रहा है।
 
हाथीखिरा-चुराईबाड़ी NH-8 असम और त्रिपुरा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों के साथ मालवाहक ट्रकों की आवाजाही होती है। सड़क की बदहाली का सीधा असर स्थानीय लोगों, यात्रियों, स्कूली एवं कॉलेज के विद्यार्थियों तथा आपातकालीन सेवाओं पर पड़ रहा है। एंबुलेंस को भी इस जर्जर सड़क से गुजरने में कठिनाई हो रही है।
 
बाईपास बंद, मुख्य सड़क पर बढ़ा दबाव
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इसी मार्ग के समीप बाईपास सड़क का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका था और कुछ समय तक उस पर वाहनों की आवाजाही भी हुई। हालांकि, पिछले करीब एक वर्ष से नए कलवर्ट एवं ओवरब्रिज के निर्माण के कारण बाईपास को अस्थायी रूप से बंद रखा गया है। इसके चलते भारी वाहनों समेत सभी यातायात का अतिरिक्त दबाव मुख्य NH-8 पर पड़ रहा है।
 
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब राष्ट्रीय राजमार्ग को हल्के और भारी दोनों प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए बनाया जाता है, तो मरम्मत के महज छह महीने के भीतर सड़क की ऐसी हालत कैसे हो गई, यह जांच का विषय है। लोगों ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग की है।
 
ओवरलोड वाहनों को लेकर भी उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, जीबी कंस्ट्रक्शन की ओर से चार लेन निर्माण की जिम्मेदार एजेंसी NHIDCL की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। कंपनी की ओर से कथित तौर पर कहा गया है कि सड़क पर अत्यधिक ओवरलोड वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर दबाव बढ़ रहा है। दूसरी ओर, बाईपास को बंद रखकर भारी वाहनों को मुख्य NH-8 से गुजारने की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
 
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आम लोगों और वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने सीओ, जिला प्रशासन, NHIDCL तथा मंत्री कृष्णेंदु पाल से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क की मरम्मत कराने, यातायात व्यवस्था सुचारु करने और समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं की गई और भारी वाहनों के परिचालन की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में इस मार्ग पर बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें